मुंबई में भी चल रहा है अनशन

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अन्ना हज़ारे के साथ उनके बहुत से समर्थक रामलीला मैदान पर अनशन कर रहे हैं और उनकी ओर दुनिया भर की नज़र है.

लेकिन अपेक्षाकृत कम ही लोगों को पता है कि दिल्ली से दूर मुंबई में भी उनके बहुत से समर्थक अनशन कर रहे हैं.

मुंबई का आज़ाद मैदान 'हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई, अन्ना के हैं चार भाई' के नारे से गूँज रहा था.

मुंबई के अनशन में महिला और पुरुष सभी शामिल हैं.

इन लोगों का कहना है कि अन्ना हज़ारे भले ही शारीरिक रूप से यहाँ मौजूद नहीं लेकिन मंच पर बैठे लोग अध्यात्मिक रूप से उन्हें अपने साथ अनशन करते महसूस करते हैं.

कामकाज छोड़कर

विजय जाधव महाराष्ट्र में अन्ना हज़ारे के गांव से 400 किलोमीटर का फ़ासला तय करके और अपनी बैलगाड़ी पर सवार हो कर मुंबई आए हैं ताकि वो अनशन में शामिल हो सकें.

अन्ना उनके लिए दूसरे गाँधी की तरह हैं, वो कहते हैं, "अन्ना आज़ादी की दूसरी लड़ाई लड़ रहे हैं. वो आज के गांधी हैं. वो हमारे लिए भगवान के रूप में आए हैं."

इस अनशन में कोई डाक्टर है तो कोई शिक्षक और कोई किसान.

डाक्टर रत्ना मोघोत्कर हृदय की डाक्टर हैं. वो अपना कामकाज छोड़कर अनशन में शामिल हुई हैं.

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Image caption डॉ रत्ना ने अप्रैल में भी अन्ना के समर्थन में अनशन किया था

वो कहती हैं, "हम अपने घरों या बाहर भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ क्रोध ज़रूर जताते हैं लेकिन इसके आंदोलन में शामिल कम ही लोग होते हैं. मैं इससे पहले अप्रैल में भी अन्ना के साथ अनशन पर थी और इस बार भी हूँ."

उर्मिला पेशे से एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं. वो कहती हैं कि आगे दस दिनों तक अपना उपवास जारी रख सकती हैं अगर उससे आगे अनशन नहीं कर सकीं तो वो लोगों को अन्ना हज़ारे के आंदोलन में शामिल होने के लिए काम करेंगी.

पिछले दिनों यहाँ 70 लोग अनशन पर बैठे थे लेकिन आज केवल 20 लोग हैं.

संख्या में कमी का मतलब यह नहीं कि उनके जोश में कमी आई है बल्कि यहाँ मौजूद लोगों के अनुसार काफ़ी संख्या में छात्र और युवा अनशन पर थे लेकिन उनसे कहा गया कि वे अपना उपवास ख़त्म करें और गांव-गाँव जाकर अन्ना जी के पैग़ाम का प्रचार करें.

अनशन करने वाले अन्ना के सभी समर्थकों के अनुसार वो अन्ना के समर्थन में अपना अनशन जारी रखेंगे.

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