'जब तक जनलोकपाल नहीं आएगा, मैं मरुंगा नहीं'

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जनलोकपाल के मुद्दे पर अनशन कर रहे अन्ना हज़ारे ने कहा है कि जब तक संसद में जनलोकपाल बिल नहीं आता तब तक वो मरने वाले नहीं हैं.

अन्ना हज़ारे ने रामलीला मैदान के मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी तबीयत ठीक है.

उनका कहना था, ‘‘ डॉक्टर चेक कर रहे हैं लेकिन चिंता की कोई बात नहीं हैं. साढ़े छह किलो वज़न घट गया है. अब मुझे लगता है कि जब तक जनलोकपाल नहीं आ जाता मैं मरुंगा नहीं.’’

इस बीच अन्ना की टीम और सरकार के बीच टकराव बढ़ता ही जा रहा है और दोनों पक्षों के बीच बैठक के समय पर भी रज़ामंदी नहीं बन रही है.

गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच बैठक होनी थी. सरकार के प्रतिनिधियों में से एक सलमान खुर्शीद ने बताया कि बैठक दोपहर में होनी है लेकिन अन्ना टीम के केजरीवाल ने कहा कि दोपहर में बैठक की कोई बात तय नहीं हुई है.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अन्ना की टीम बातचीत करना चाहती है लेकिन सरकार पहले अपनी मंशा साफ करे.

केजरीवाल ने बुधवार को प्रणब मुखर्जी की बैठक का भी हवाला दिया और कहा, ‘‘ कल रात की बैठक में हमने जब अन्ना के अनशन की बात की तो सरकारी पक्ष का कहना था कि अन्ना का अनशन अन्ना की टीम की ज़िम्मेदारी है और सरकार को इससे कुछ लेना देना नहीं है. ये रवैय्या है सरकार का.’’

केजरीवाल का कहना था, ‘‘ हम बातचीत करना चाहते हैं लेकिन अन्ना जी ने कहा है कि पहले सरकार लिखित में ये बताए कि उनकी मंशा क्या है उसके बाद हम उसका जवाब देंगे और तब बातचीत हो क्योंकि बार बार रवैय्या बदल रहा है.’’

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Image caption अन्ना की तरफ से केजरीवाल और किरन बेदी बातचीत करने वालों में से हैं.

उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वो शाम के पांच बजे प्रधानमंत्री के आवास पर जाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें. उन्होंने देश से आह्नान किया कि अगर शनिवार तक मामले का समाधान न हो तो लोग दिल्ली आएं और धरना दें.

जब केजरीवाल प्रेस को संबोधित कर रहे थे ठीक उसी समय केंद्रीय क़ानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद ने हज़ारे के सहयोगियों के साथ चर्चा में गतिरोध की बात पर आश्चर्य और अफ़सोस जताया.

ख़ुर्शीद ने कहा, "सर्वदलीय बैठक के बाद हमें पता चल गया था कि सभी एक सशक्त बिल चाहते हैं और अन्ना के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए."

उन्होंने बताया कि उस बैठक में ये तय हुआ कि गुरुवार को कुछ ऐसे कदम उठा लिए जाएँगे जिससे अन्ना का अनशन ख़त्म करने की ओर बढ़ा जा सके.

ख़ुर्शीद के अनुसार, "कल की बैठक में तय हुआ था कि इस बारे में और जो कार्रवाई करनी होगी उसके लिए आज हमें कितने बजे बैठना होगा और प्रश्नकाल के बाद 12 बजे बैठना तय हुआ था."

उन्होंने कहा कि यहाँ तक तय हुआ था कि अगर ज़रूरत हुई तो अटॉर्नी जनरल की सलाह भी ली जाएगी.

सलमान ख़ुर्शीद ने इस बात से इनकार किया कि किसी ने भी अन्ना के अनशन और उनके स्वास्थ्य के प्रति उदासीनता दिखाते हुए कहा कि अनशन अन्ना का और उनके दल का मसला है.

ख़ुर्शीद के अनुसार सरकार ने बातचीत के रास्ते कभी भी बंद नहीं किए थे. उन्होंने कहा, "हमारे द्वार खुले हैं और खुले रहेंगे. अगर हम अन्ना के स्वास्थ्य के संबंध में दो क़दम उठा सकते हैं तो हमारे दरवाज़े खुले रहेंगे."

इस बीच संसद में इस मामले पर काफी बवाल हुआ है और संसद की बैठक स्थगित करनी पड़ी.

11 बजे लोकसभा में सुषमा स्वराज ने गतिरोध के बारे में सवाल पूछा जिसके जवाब में प्रणब मुखर्जी ने कहा कि बैठक के बाद के बातों को तोड़ा मरोड़ा जा रहा है. इसके बाद विपक्ष ने नारेबाज़ी की और बैठक स्थगित करनी पड़ी.

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