प्रस्ताव पर मतविभाजन न होने से टीम अन्ना नाराज़

अन्ना हज़ारे और उनकी टीम इमेज कॉपीरइट PTI

संसद में अन्ना हज़ारे के तीन मुद्दों पर चल रही बहस और उनको मिल रहे समर्थन के बीच टीम अन्ना ने इस बात पर अप्रसन्नता ज़ाहिर की है कि इन मुद्दों पर मत विभाजन नहीं होने जा रहा है.

उनका कहना है कि सरकार ने उनको धोखा दिया है.

केंद्रीय मंत्री सलमान ख़ुर्शीद से मुलाक़ात के बाद टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण ने पत्रकारों से कहा कि शुक्रवार की रात तक उन्हें ये संकेत दिए गए थे कि संसद में एक प्रस्ताव रखा जाएगा जिस पर मतविभाजन भी होगा लेकिन अब कहा जा रहा है कि इस पर कोई मतविभाजन नहीं होगा और ये सिर्फ़ एक चर्चा हो कर रह जाएगी.

कहा जा रहा है कि ये चर्चा धारा 193 के तहत हो रही है और इसमें वोटिंग का कोई प्रावधान नहीं है.

टीम अन्ना के सदस्यों ने कहा कि उन्हें कांग्रेस ने बताया है कि भाजपा ने कहा है कि अगर मतविभाजन होता है तो भाजपा पक्ष में वोट नहीं करेगी.

सुषमा स्वराज ने कहा है, "ये सरासर ग़लत है और सरकार दोनों सदनों में प्रस्ताव लेकर आए और भाजपा दोनों सदनों में इन तीनों मुद्दों के समर्थन पर वोट करेगी."

उल्लेखनीय है कि अन्ना हज़ारे ने प्रधानमंत्री को शुक्रवार को एक चिट्ठी लिखकर कहा था कि अगर तीन मुद्दों पर संसद सहमति व्यक्त करती है तो वे अपना अनशन ख़त्म करने पर विचार कर सकते हैं.

जनलोकपाल के तीन अहम मुद्दों पर संसद में प्रस्ताव लाने की मांग अन्ना ने रखी है, इसमें से एक यह है कि इसी क़ानून के ज़रिए लोकायुक्त भी बनाए जाएँ, दूसरा हर विभाग में जन समस्याओं के लिए सिटिज़न्स चार्टर बनाए जाए जिसे न मानने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई हो और तीसरा ये कि केंद्र सरकार के ऊपर से नीचे तक सभी कर्मचारियों और राज्य के सभी कर्मचारियों को इसके दायरे में लाया जाए.

निरादर

प्रशांत भूषण ने कहा, "सरकार ने कल भाजपा की ओर से लाए गए धारा 184 के तहत चर्चा के लिए पेश किए गए प्रस्ताव को क्यों स्वीकार नहीं किया, जिसमें मतविभाजन का प्रावधान था."

उनका कहना था, "जब अन्ना हज़ारे जी ने प्रधानमंत्री को ये बात लिखी कम से कम तीन मुद्दों पर तो संसद की ओर से कोई राय व्यक्त हो तो इसका भी बिल्कुल निरादर होगा अगर वोटिंग नहीं होती है."

उन्होंने कहा, "पूरे देश की जनता को ये जानने का हक़ है कि कौन सी पार्टी और कौन से सांसद किस ओर खड़े हुए हैं. आम जनता के भ्रष्टाचार का निवारण चाहते हैं या नहीं. उन्हें ये जानने का हक़ है."

टीम अन्ना के एक अन्य सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये धोखाधड़ी है सरासर.

उनका कहना है कि ये चौथी बार है जब सरकार अपनी कही हुई बात से मुकर रही है.

उनका कहना है, "अब कांग्रेस कह रही है कि भाजपा आपके ख़िलाफ़ वोट करना चाहती है. तो ये सब पीछे छुप-छुपकर हो रही है सब सामने क्यों नहीं हो रहा है."

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