हंगामे के बाद संसद शुक्रवार तक स्थगित

गुजरात में लोकायुक्त की नियुक्ति के मुद्दे को लेकर लोकसभा में ख़ासा हंगामा हुआ जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही शुक्रवार तक स्थगित कर दी गई है.

जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु हुई भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने गुजरात में लोकायुक्त की नियुक्ति के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी शुरु कर दी.

भाजपा ने दोनों सदनों ने प्रश्न काल स्थगित करने का नोटिस दिया ताकि इस मुद्दे पर बहस हो सके. राज्य सभा में अरुण जेटली और लोक सभा में हरिन पाठक ने नोटिस दिया.

गुजरात की राज्यपाल ने आरए मेहता को राज्य का लोकायुक्त नियुक्त किया है. गुजरात सरकार ने गवर्नर के फ़ैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है.

अरुण जेटली का कहना था कि ये संवैधानिक संकट है और राज्यपाल को वापस बुलाया जाना चाहिए.

इस बीच शोरशराब होता रहा और स्पीकर मीरा कुमार ने दोपहर तक कार्यवाही स्थगित कर दी जो बाद में शुक्रवार तक के लिए स्थगित हो गई.

भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि ऐसा भारत में इतिहास में पहली बार हुआ है कि मुख्यमंत्री से विचारविमर्श किए ब़गैर ही लोकायुक्त नियुक्त कर दिया जाए. गुजरात में साल 2003 से लोकायुक्त का नियुक्ति का मामला अटका पड़ा है.

राज्य सरकार का मत है कि संविधान की धारा 154 के तहत राज्यपाल मंत्रिमंडल की सलाह पर कार्य करने के लिए बाधित है और राज्यपाल ने ये निर्णय बिना मुख्यमंत्री या मंत्रिमंडल की सलाह के लिया.

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