एनडीए ने मानकों का उल्लंघन किया था: सीबीआई

सीबीआई
Image caption टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन में हुए कथित घोटालों के चलते कई नामचीन लोग फ़िलहाल जेल में हैं.

टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन की जांच कर रही भारत की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि एनडीए सरकार के दौरान कई मानकों का 'उलंघन' किया गया था.

गुरूवार को सीबीआई ने अदालत को बताया कि एनडीए के दूरसंचार मंत्रियों प्रमोद महाजन और अरुण शौरी के कार्यकाल में हुए इन 'उल्लंघनों' की जांच होगी और तत्कालीन वित्त मंत्री जसवंत सिंह से भी पूछताछ हो सकती है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सीबीआई ने अदालत को बताया है कि स्पेक्ट्रम आवंटन की जांच के दौरान अभी तक ये बात सामने नहीं आई है कि 2004 से 2007 तक दूरसंचार मंत्री रहे दयानिधि मारन ने एयरसेल को बेचने में मलेशिया में स्थित मैक्सिस समूह पर 'दबाव' डाला था.

हालांकि सीबीआई की तरफ़ से अदालत में उतरे वरिष्ठ वकील के के वेणुगोपाल ने कहा है कि जांच से इस बात का पता चला है कि एयरसेल को ख़रीदने वाली कंपनी डीएमके सांसद दयानिधि मारन और उनके भाई के संपर्क में थी.

'जसवंत से पूछताछ'

पीटीआई के अनुसार जस्टिस जी एस सिंघवी और ए के गांगुली की पीठ को सीबीआई के वकील के के वेणुगोपाल ने ही बताया कि, "आने वाले समय में जसवंत सिंह से पूछताछ हो सकती है."

टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन के जिस समय की जांच हो रही है उस समय जसवंत सिंह मंत्रियों के समूह की अध्यक्षता कर रहे थे.

जबकि सीबीआई के मुताबिक़ वो 2001 से लेकर 2007 तक के दौरान किए गए स्पेक्ट्रम आवंटन की जांच कर रही है और इसी दौरान प्रमोद महाजन, अरुण शौरी और दयानिधि मारन दूरसंचार मंत्री रहे थे.

साथ ही जांच एजेंसी ने अदालत से ये भी कहा है कि इस महीने के अंत तक वो टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में की जा रही जांच प्रक्रिया पूरी कर लेगी.

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