अब केजरीवाल को भी नोटिस

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किरण बेदी और प्रशांत भूषण के बाद अब अरविंद केजरीवाल को भी संसद की ओर से विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी कर दिया गया है.

उन्हें शनिवार की शाम को घर पर यह नोटिस मिला है.

अभी उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन उनके कार्यालय की ओर से कहा गया है कि वे इस नोटिस का उपयुक्त जवाब देंगे.

इससे पहले प्रशांत भूषण ने नोटिस को उन्होंने इस नोटिस को 'अन्यायपूर्ण' बताया था और कहा था, "जनहित में सच कहना विशेषाधिकार का हनन नहीं हो सकता."

उधर किरण बेदी ने साफ़ कर दिया है कि वे सांसदों पर की गई अपनी टिप्पणियों के लिए माफ़ी मांगने के लिए तैयार नहीं हैं.

टीम अन्ना के ये तीनों ही सदस्य अन्ना हज़ारे के अनशन के दौरान सक्रिय थे और अन्ना समर्थकों को लगातार संबोधित करते रहे.

इससे पहले अरविंद केजरीवाल को आयकर विभाग की ओर से नौ लाख रुपए के भुगतान का नोटिस दिया गया है.

अवधारणा पर विचार का समय

प्रशांत भूषण ने कहा है कि उन पर सांसदों के ख़िलाफ़ अपमानजनक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगाया गया है और इसका जवाब देने को कहा गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई से हुई बातचीत में उन्होंने कहा, "यदि जनहित में सच बोलना विशेषाधिकार का हनन है तो अब समय आ गया है जब संसदीय विशेषाधिकार की पूरी अवधारणा पर ही पुनर्विचार किया जाए."

उधर किरण बेदी ने कहा है कि उन्होंने किसी का अपमान नहीं किया और वे खेद नहीं जताएँगीं और वे सांसदों के व्यवहार पर संसद को आईना दिखाएंगी.

पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने कहा है कि उन्होंने जो कुछ भी कहा वो एक परिस्थिति में कहा गया था और वही कहा गया था जो कहा जाना चाहिए था.

किरण बेदी ने अन्ना हज़ारे के अनशन के दौरान मंच से कहा था कि राजनेता एक ही समय पर कई तरह के मुखौटे लगाए रहते हैं. उनकी इस टिप्पणी से दोनों ही सदनों के नेता नाराज़ हैं.

इसी मंच से सांसदों के ख़िलाफ़ अपशब्द कहने के लिए अभिनेता ओमपुरी को भी संसद की ओर से विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया है.

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