न्यायिक हिरासत में भेजे गए रेड्डी

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Image caption जनार्दन रेड्डी (दायें) ने एक समय बीएस येदियुरप्पा सरकार को हिलाकर रख दिया था

सीबीआई की विशेष अदालत ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री और बल्लारी में खनन उद्योग चलाने वाले जनार्दन रेड्डी और उनकी खनन कंपनी के प्रबंध संचालक श्रीनिवास रेड्डी को 19 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

दोनों को सोमवार को ही गिरफ़्तार किया गया था. बेल्लारी में जर्नादन रेड्डी के घर पर तलाशी जारी है. जबकि बंगलौर स्थित उनके घर से चार रजिस्टर, एक डायरी और एक लैपटॉप बरामद किया गया है.

साथ ही 10 करोड़ रुपए की दो रॉल्स रॉयस कारें भी ज़ब्त की गई हैं. उनका पासपोर्ट और वीज़ा भी ज़ब्त कर लिया गया है.

जर्नादन रेड्डी और श्रीनिवास रेड्डी को चंचलगुड़ा के सेंट्रल जेल में रखा गया है. इसी जेल में सत्यम के संस्थापक रामलिंगा राजू को भी रखा गया है.

सीबीआई की विशेष अदालत से ज़मानत के लिए जर्नादन रेड्डी ने 11 वकीलों की टीम उतारी थी.

दक्षिणी राज्य कर्नाटक की पहली भारतीय जनता पार्टी सरकार में पर्यटन मंत्री रह चुके जनार्दन रेड्डी ओबुलापूरम माइनिंग कार्पोरेशन के मालिक है.

दोनों की गिरफ़्तारी पूर्व मंत्री और प्रबंध संचालक के विभिन्न स्थानों पर मारे गए छापों के बाद की गई.

ख़बरें हैं कि जनार्दन रेड्डी के घर से तीन करोड़ रुपए नक़द और 30 किलोग्राम सोना मिला है जबकि श्रीनिवास रेड्डी के घर से डेढ़ करोड़ रुपए नक़द मिले हैं.

पेशी

ये छापे हैदराबाद से बेल्लारी गई सीबीआई की एक टीम ने मारे जिसके बाद दोनों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

उमर फ़ारूक़ का कहना है कि जांच एजेंसी ने दोनों के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी, खनन और जंगल क़ानून के उल्लंघन का केस दाख़िल किया है.

जनार्दन रेड्डी और श्रीनिवास रेड्डी को बेल्लारी से हैदराबाद लाया गया है जहां उन्हें शाम को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.

कर्नाटक में खनन क्षेत्र के बेताज बादशाह माने जानेवाले जनार्दन रेड्डी का नाम जुलाई में सरकार को सौंपी गई लोकायुक्त की रिपोर्ट मे भी शामिल है.

रिपोर्ट में उन पर ग़ैर क़ानूनी खनन का आरोप है.

आरोप है कि रेड्डी बंधुओं की मालिकाना कंपनी में बहुत तरह की गड़बड़ियां हैं.

समर्थक

रेड्डी बंधुओं के समर्थक बताए जानेवाले बी श्रीरामुलू ने रविवार को ही कर्नाटक विधान सभा से इस्तीफ़ा दिया था और कहा था कि वो अपनी आगे की योजना राज्य के दौरे के बाद करेंगे.

श्रीरामुलू इस बात को लेकर नाराज़ बताए जा रहे थे कि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया.

वो बीएस येदियुरप्पा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे. ग़ैर कानूनी खनन मामले में रेड्डी बंधुओं के साथ उनका नाम भी आया था.

श्रीरामुलू बेल्लारी देहात से चुने गए थे जो रेड्डी बंधुओं के गढ़ के तौर पर पेश किया जाता है.

भ्रष्टाचार के आरोपों के दबाव में येदियुरप्पा के मुख्य मंत्री पद से हटने के बाद रेड्डी बंधुओं को भी राज्य की नई सरकार में शामिल नहीं किया गया था.

कर्नाटक की राजनीति में पिछले कुछ सालों में वो इतने शक्तिशाली बनकर उभरे थे कि उन्होंने एक समय राज्य सरकार गिराने तक की नौबत ला दी थी.

राज्य के पूर्व मुख्य मंत्री उनके दबाव में बड़े मजबूर दिखे थे और एक टीवी साक्षात्कार में रो पड़े थे.

राजनीति

भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीद जताई है कि जनार्दन रेड्डी पूरे मामले में निर्दोष साबित होंगे. लेकिन पार्टी ने साफ़ किया कि ये उनका निजी मामला है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने दिल्ली में कर्नाटक सरकार के विशेष प्रतिनिधि धनंजय कुमार के हवाले से कहा है, "रेड्डी बंधुओं ने कहा है कि उन्होंने खनन से संबंधित किसी क़ानून का उलंघन नहीं किया है. हमें उम्मीद है कि वो निर्दोष साबित होंगे. जबतक वो राजनीतिक तौर पर हमसे जुड़े हैं, हम उनका साथ देंगे."

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा है कि किसी की गिरफ़्तारी भर से ही उसे दोषी मान लेना ठीक नहीं है.

कांग्रेस ने कहा है कि बेल्लारी बंधुओं ने राज्य को लूटा है.

इस मामले पर जब आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को कांग्रेस के निष्कासित नेता जगनमोहन रेड्डी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसका जवाब बीजेपी को देना चाहिए.

आंध्र पदेश का मुख्य विपक्षी दल तेलगू देशम जिसने अवैध खनन को लेकर लंबी मुहिम चलाई गुई थी इस गिरफ़्तारी से प्रसन्न है.

बेल्लारी बंधुओं के रसूख़ के बावजूद उनकी गतिविधियों के विरद्ध लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे टी श्याम और टी गणेश ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है.

ये दोनों रेड्डी भाईयों के ख़िलाफ़ मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले गए थे.

उन्होंने कहा कि देर से सही लेकिन लगता है कि मामले में न्याय होगा.

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