'कश्मीर में मिलीं और सामूहिक क़ब्रे'

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Image caption राज्य मानवधिकार कमीशन ने सामूहिक क़ब्रों में 2156 बेनाम लोगों के दफ़न होने की बात कही थी.

भारत-प्रशासित कश्मीर में मानवधिकारों के लिए काम करनेवाली संस्था 'ह्यूमन राईट्स फ़ोरम' ने दावा किया है कि उसने उत्तरी कश्मीर के देवर गांव में दर्जनों गुमनाम और सामूहिक क़ब्रों को चिन्हित किया है.

देवर नियंत्रण रेखा के पास मौजूद छोटा सा गांव है.

मीडिया को ई-मेल के माध्यम से भेजी गई एक रिपोर्ट में फ़ोरम ने कहा है कि भारतीय सुरक्षा बलों ने कम से कम 37 लोगों को फ़र्ज़ी मुठभेड में मार दिया था और उन्हें पाकिस्तानी या अफ़ग़ानी चरमपंथी क़रार दे दिया गया था.

संस्था का दावा है कि इनमें से सात स्थानीय चरमपंथी थे जिन्हें मारने के बाद पाकिस्तानी घुसपैठिया क़रार दे दिया गया था और उनके शव दफ़न करने के लिए स्थानीय लोगों को सौंप दिए गए थे.

छानबीन

संस्था का कहना कि ऐसे शव देवर गांव की अड़तीस क़ब्रगाहों में दफ़न हैं.

राज्य मानवधिकार कमीशन ने हाल में ही ऐसे सामूहिक क़ब्रों की बात क़बूल की थी.

कमीशन ने कहा था कि घाटी में 38 स्थानों पर 2156 लोग सामूहिक क़ब्रों में दफ़न हैं. पिछले 21 सालों में ये पहली बार था जब मानवधिकार संस्था ने कश्मीर में सामूहिक कब्रों की मौजूदगी को स्वीकार किया है.

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने एक जांच समीति बनाने की बात कही है जिसमें साल 1990 से ऐसे मामलों की छानबीन की जाएगी.

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