गोलीबारी में मरने वालों की संख्या सात

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Image caption जयललिता ने पुलिस कार्रवाई का बचाव किया है

तमिलनाडु के रामानाथपुरम ज़िले में पुलिस गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है.

पुलिस के मुताबिक़ पाँच लोगों की रविवार को ही मौत हो गई थी, दो घायल व्यक्तियों ने सोमवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया.

रविवार को हिंसा उस समय भड़की, जब पुलिस ने एक दलित नेता जॉन पांडियन को गिरफ़्तार किया. जॉन पांडियन एक दिवंगत नेता के जन्मदिन समारोह में हिस्सा लेने जा रहे थे.

पांडियन की गिरफ़्तारी के बाद लोगों ने पारामकुडी में पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया. इस हमले में पुलिस उपायुक्त समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.

हिंसा

पुलिस की कुछ गाड़ियों में आग लगा दी गई. पुलिस का तर्क है कि उनके पास गोलियाँ चलाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था.

पूरे ज़िले में धारा 144 लगा दी गई है, ताकि आगे ऐसी कोई घटना न हो. पास के ज़िलों में भी प्रदर्शनों का समाचार है. मदुरै ज़िले में कुछ लोगों के घायल होने का समाचार है.

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने हिंसा की निंदा की है और मारे गए लोगों के परिजनों के एक-एक लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

हालाँकि उन्होंने ये भी कहा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियाँ चलाईं. जयललिता ने लोगों से संयम बरतने की अपील भी की है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए हिंसा ग़लत है.

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