तेलंगाना बेमियादी हड़ताल से प्रभावित

तेलंगाना में बंद की वजह से ज़्यादातर दफ़्तरों में लोग नदारद थे
Image caption तेलंगाना में बंद की वजह से ज़्यादातर दफ़्तरों में लोग नदारद थे

अलग तेलंगाना राज्य के लिए कई दशकों से चल रहा संघर्ष मंगलवार को एक नए ही चरण में प्रवेश कर गया जबकि पूरे क्षेत्र में बेमियादी हड़ताल शुरू हो गई.

इस हड़ताल में लाखों सरकारी कर्मचारी, अध्यापक, डॉक्टर, वकील और सिंगरेनी के कोयला खदान के मज़दूर हिस्सा ले रहे हैं.

इस हड़ताल के कारण हैदराबाद और दूसरे नौ ज़िलों में सरकारी प्रशासन ठप हो गया है. ज़िला कलेक्टरों के कार्यालय पर हड़ताली कर्मचारियों ने ताला लगा दिया है और सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

इसके साथ ही रास्ता रोको कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं.

हैदराबाद के राज्य सचिवालय में भी काम काज पर असर पड़ा है. वहाँ के छह हज़ार में से तेलंगाना से संबंध रखने वाले 1800 कर्मचारी हड़ताल पर हैं जबकि दूसरे प्रांतों से संबंध रखने वाले कर्मचारी ड्यूटी कर रहे हैं.

किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं. सचिवालय के बाहर पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है.

तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति ने इस अनिश्चित कालीन हड़ताल का आह्वान किया है और उसे तेलंगाना राष्ट्र समिति, भारतीय जनता पार्टी, सीपीईएमएल न्यू डेमोक्रेसी, तेलंगाना प्रजा फ़्रंट और कई दूसरे संगठनों का समर्थन प्राप्त है.

Image caption इस बंद को भारतीय जनता पार्टी ने भी समर्थन दिया है

तेलुगूदेशम के तेलंगाना फ़ोरम ने इस हड़ताल के लिए अपने समर्थन के रूप में सचिवालय के घेराव का प्रयास किया मगर पुलिस ने उसे विफल कर दिया.

इस प्रयास में नौ विधायकों सहित कई लोगों को गिरफ़्तार किया गया. इस हड़ताल में डॉक्टरों और वकीलों के अलावा निजी शिक्षा संस्थान भी शामिल हैं.

चार ज़िलों- आदिलाबाद, करीमनगर, वारंगल और खम्मम में फैली कोयरा खदानों में 70 हज़ार मज़दूर भी इस हड़ताल में शरीक़ हो रहे हैं जिससे लगभग 50 हज़ार टन कोयले का उत्पादन बंद हो गया है.

इससे राज्य में बिजली के उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है. हड़ताल में बिजली विभाग के कर्मचारी भी शामिल हैं और 18 सितंबर से सड़क परिवहन निगम के कर्मचारी भी हड़ताल कर देंगे. तेलंगाना समिति ने बुधवार से तेलंगाना के सिनेमा घरों को भी बंद करने का आह्वान किया है.

वैसे तो राज्य सरकार न हड़ताल को रोकने के लिए कर्मचारियों के विरुद्ध एस्मा के प्रयोग की धमकी दी थी मगर फ़िलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

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