3.14 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ पेट्रोल

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Image caption यह इस साल पेट्रोल के दाम में दूसरा सबसे बड़ा इजाफा है.

पेट्रोल-डीज़ल की खुदरा बिक्री करने वाली सरकारी कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतों में 3.14 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी कर दी है.

गुरुवार आधी रात से नए दाम लागू करने का ऐलान किया गया है. यह इस साल पेट्रोल के दाम में दूसरा सबसे बड़ा इजाफा है.

कंपनियों का कहना है कि कच्चे तेल के आयात की लागत बढ़ने की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है.

दिल्ली में गुरुवार आधीरात के बाद से पेट्रोल का दाम 3.14 रुपये प्रति लीटर की दर बढ़कर 66.84 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी के नेतृत्व वाली विशेषाधिकार समिति शुक्रवार को घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी घटाने और इस सब्सिडी को चार से छह घरेलू सिलेंडरों तक सीमित करने पर विचार कर सकती है.

माना जा रहा है कि इस क़दम के ज़रिए सरकार ईंधन पर दी जा रही सब्सिडी के ज़रिए सरकार पर पड़ रहे करोड़ों के अतिरिक्त बोझ को कम करना चाहती है.

ऐसा होने पर गैस की कीमतें भी बढ़ेंगी और पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों पर बोझ और बढ़ जाएगा.

मुंबई में अब पेट्रोल की कीमत 71.28 रुपए प्रति लीटर और चेन्नई में 70.82 प्रति लीटर तक पहुंच गई है.

इससे पहले तेल कंपनियों ने 15 मई को पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए थे. लेकिन इस बार दाम ऐसे समय में बढ़ाए गए हैं जब मुद्रास्फीति 13 महीने के उच्चतम स्तर 9.78 फीसदी पर है.

संबंधित अधिकारियों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत 110-111 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है और रुपये की कीमत भी डॉलर की तुलना में कमज़ोर पड़कर दो साल के निचले स्तर के आसपास चली गयी है, जिसका असर पेट्रोल की कीमतों पर पड़ा है.

वैट और अन्य स्थानीय करों की वजह से विभिन्न शहरों में पेट्रोल का दाम अलग-अलग होता है.

पिछले साल जून में सरकार ने पेट्रोल को नियंत्रणमुक्त कर दिया था.

पेट्रोल के नियंत्रण मुक्त होने और 24 जून को इस पर लगने वाले सीमा शुल्क में 5 फीसदी कटौती के बाद तेल कंपनियों को मामूली मुनाफ़ा भी हुआ, लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपए में आई गिरावट ने कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ा दीं.

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