एन्सेफ़लाइटिस से 11 बच्चों की मौत

Image caption बिहार और उत्तरप्रदेश में कई बच्चे एन्सेफ़्लाइटिस का शिकार हो चुके हैं

पूर्वी उत्तरप्रदेश में पिछले चौबीस घंटों में दिमागी बुखार यानी एन्सेफ़लाइटिस से 11 बच्चों की मौत हो चुकी है.

एन्सेफ़लाइटिस के मामले राज्य के तराई इलाक़ो बस्ती और गोरखपुर से ज़्यादा आ रहे हैं.

गोरखपुर में मौजूद स्थानीय संवाददाता कुमार हर्ष के मुताबिक, "पिछले चौबीस घंटों में गोरखपुर में दो,बस्ती में एक,देवरिया में दो, खुशीनगर में एक, बलिया में एक,बलरामपुर में एक और बिहार में तीन बच्चों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है. 42 नए मामले भी इस दौरान सामने आए है और इनका इलाज बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है."

इस अस्पताल में मरीज़ो की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक और वार्ड मरीज़ो को मुहैया करवाया गया है.

नए अस्पताल की घोषणा

राज्य में इस साल जनवरी से सितंबर महीने तक 1730 बच्चे एन्सेफ़लाइटिस बीमारी का शिकार हो चुके है और इनमें से 291 बच्चे काल का ग्रास बन चुके है.

कुमार हर्ष के मुताबिक अगस्त महीने में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के एक अधिकारी ने प्रभावित इलाक़ो का दौरा किया था.

इस बीमारी की गंभीरता को समझते हुए शनिवार को गोरखपुर पहुँची दो सदस्यीय समिति ने एन्सेफ़लाइटिस के लिए एक अलग से 100 बेड वाला अस्पताल बनाए जाने की घोषणा की है.

हालांकि ये अभी तय नहीं किया गया है कि ये अस्पताल कहाँ बनाया जाएगा.

राज्य में इस बीमारी को राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने की मांग लगातार उठती रही है लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है.

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