हड़ताल के कारण बिजली आपूर्ति पर असर

तेलंगाना इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption तेलंगाना में हड़ताल दूसरे सप्ताह में पहुँच गई

अलग तेलंगाना राज्य के लिए तेलंगाना के 10 ज़िलों में आठ लाख से भी ज़्यादा कर्मचारियों की आम हड़ताल अब दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर गई है.

इससे राज्य पर जो गंभीर असर पड़ा है, उसका एक संकेत उस समय मिला, जब राज्य के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने यह स्वीकार किया कि राज्य के अंधकार में डूब जाने का ख़तरा उत्पन्न हो गया है.

उन्होंने कहा कि सिंगरेनी की कोयले की खदानों में हड़ताल के कारन कोयले का उत्पादन बंद हो गया है, इससे बिजली का उत्पादन घट गया है और राज्य को इस समय सात लाख यूनिट से भी ज़्यादा बिजली की कमी का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि इसके कारण बड़े नगरों में दो घंटे की, छोटे नगरों में चार घंटे की और ग्रामीण इलाक़ों में आठ घंटे की बिजली कटौती लागू कर दी गई है.

अब हैदराबाद में बुधवार से दो घंटे के लिए बिजली की आपूर्ति बंद रहेगी. उन्होंने कहा कि इस हड़ताल के कारण हर वर्ग प्रभवित हो रहा है, लेकिन सबसे ज़्यादा तेलंगाना के किसान, छात्र और दूसरे ग़रीब वर्ग कष्ट उठा रहे हैं.

परेशान

उन्होंने कहा कि बिजली की कटौती से वे किसान परेशान हैं, जो मोटर पंप का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा स्कूल न खुलने से 30 लाख छात्र प्रभावित हो रहे हैं, जबकि बस सेवाएँ बंद होने से 80 लाख से ज़्यादा यात्रियों को नुक़सान पहुँच रहा है.

हालाँकि मुख्यमंत्री ने यह नहीं बताया कि इसके कारण सरकार को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है, लेकिन अधिकारियों का कहना था कि केवल एक सप्ताह की हड़ताल में सरकार को अपनी आय में 300 करोड़ रुपए का नुक़सान उठाना पड़ा है, जबकि दो दिन की हड़ताल में आरटीसी को 50 करोड़ का नुक़सान हुआ है.

आठ लाख से भी ज़्यादा कर्मचारी, अध्यापक और आरटीसी के कर्मचारी और दूसरे वर्गों के लोग हड़ताल पर हैं लेकिन अब तक केंद्र सरकार ने एक शब्द भी नहीं कहा है.

इस पर नाराज़ तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर राव एक बार फिर आमरण अनशन पर बैठने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में तय किया जाएगा कि उनका आमरण अनशन कब शुरू हो.

चंद्रशेखर राव दिसम्बर 2009 में भी लगभग दो सप्ताह तक आमरण अनशन पर बैठे थे और उसके बाद ही केंद्रीय गृह मंत्री चिदंबरम ने यह घोषणा की थी कि केंद्र सरकार तेलंगाना राज्य की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर रही है.

लेकिन अब तक सरकार ने उस वादे को पूरा नहीं किया है.

संबंधित समाचार