सिक्किम भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़ी

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Image caption सिक्किम में ज़बर्दस्त भूकंप में लोग मारे गए हैं.

भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में रविवार को आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 68 हो गई है. इसके अलावा नेपाल, बिहार और बंगाल में हुई मौतों को मिलाया जाए तो कुल संख्या 100 तक पहुंचती है.

मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने बताया कि सिर्फ़ मंगन में ही 22 शव मिले हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों के लिए पांच लाख और प्रभावितों के लिए अलग सुविधाएं उपलबध कराने की घोषणा की है.

चामलिंग का कहना था, '' हमें अनुमानित क्षति करीब एक लाख करोड़ की हुई है. हालांकि अभी पूरी क्षति का पता लगने में कुछ समय और लगेगा जिसके बाद हम केंद्र को रिपोर्ट भेजेंगे.''

चामलिंग ने बताया कि राज्य में मरने वालों की संख्या 68 है और अब राहत कार्य ज़ोरों पर चल रहा है.

राहत कार्यों की जानकारी देते हुए चामलिंग ने बताया कि पूरे राज्य में बड़ी संख्या में घर तबाह हुए हैं और कई इमारतें भी टूट गई हैं.

मुश्किल

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सिक्किम के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में मंगलवार को ही पहुंचा जा सका है, जहां मलबे में दबी कई लाशें मिली हैं.

इस बीच ये जानकारी मिली है कि सिक्किम के एक हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्लांट में काम करने वाले 17 लोगों की मौत हो गई है, एक लापता है और 10 घायल हो गए हैं.

प्लांट में राहत काम में जुटे एस.दिनेश ने बीबीसी को बताया कि भूकंप रविवार को आया जिस वक्त प्लांट में कोई मौजूद नहीं था इसलिए बचाव हो गया.

दिनेश ने कहा, "मैं ये साफ करना चाहता हूं कि प्लांट में मलबे के नीचे मज़दूरों के दबे होने की ख़बरें ग़लत हैं. विश्वकर्मा पूजा होने की वजह से कई लोग प्लांट से घर जा रहे थे, वही भूकंप की वजह से हुए भूस्खलन की चपेट में आ गए. अब प्लांट में कोई काम नहीं चल रहा."

सिक्किम में देर रात फिर भूस्खलन हुआ है और भूकंप से प्रभावित मंगन, लाचुंग, लाचेन और सिंहथान इलाक़ों में तेज़ बारिश हुई है.

भूकंप के कारण गंगटोक के आसपास 80 किलोमीटर का इलाक़ा सबसे अधिक प्रभावित रहा है.

सेना के अनुसार मंगन के पास ज़मीन कई किलोमीटर तक धंस गई है जिससे राहत सामग्री प्रभावित इलाक़ों में पहुंचाना मुश्किल हो रहा है.

सिक्किम के पुलिस महानिदेशक जसबीर सिंह के अनुसार राजमार्ग पर काम चल रहा है और सीमा सड़क संगठन सड़क बनाने के काम में जुटी है.

उन्होंने कहा कि इलाक़े में कई लोगों के मरने की आशंका है. मरने वालों की तादाद अगले कुछ दिनों में और साफ होगी क्योंकि अभी भी मलबा पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है.

वायु सेना भी राहत के काम में लगी हुई है और कई स्थानों पर राहत सामग्री गिराई गई है. इस बीच 24 यात्रियों को लेकर जा रही एक बस को बचा लिया या है. भूंकप के बाद इस बस का पता नहीं चल पा रहा था.

इस बस में बैठे लोग भूकंप के केंद्र मंगन और चुंगथांग के बीच फंसे हुए थे. बस में एक व्यक्ति की मौत हुई है. इस बीच कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भी सिक्किम पहुंचे हैं. वो बुरी तरह प्रभावित इलाक़ों का भी दौरा करेंगे.

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