तेलगांना में जनजीवन अस्त व्यस्त

सरकारी कार्यालय और शिक्षा संस्थान बंद, बिजली नहीं, बस सेवा नहीं, और अब ऑटो रिक्शा और रेलें भी नहीं, पेट्रोल पम्प बंद और अब शराब की दुकानें भी बंद.

यह है तेलंगाना प्रांत की वो तस्वीर जो 11 दिन से चली आ रही अनिश्चित काल की हड़ताल से उभर कर सामने आई है.

अलग राज्य के लिए दशकों से लड़ने वाले तेलंगाना क्षेत्र में खुद वहां के आम लोगों ने ही वहां के सामान्य जीवन को स्थगित करके रख दिया है क्योंकि उनके अनुसार केंद्र सरकार और कांग्रेस पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व की लापरवाही और खामोशी को तोड़ने का इसके सिवा अब कोई रास्ता नहीं रह गया है.

जहाँ आठ लाख से भी ज्यादा सरकारी कर्मचारियों, अध्यापकों और दूसरे कामगारों की हड़ताल से आम जीवन ठप हो कर रह गया है और प्रशासन बिलकुल निलंबित है.