पूर्वी भारत में बाढ़ ने किया लाखों को बेघर

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Image caption उड़ीसा के दस ज़िलों में स्थिति गंभीर है.

उड़ीसा, उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ के कारण बीस लाख लोगों को अपना घर बार छोड़ना पड़ा है. पिछले कुछ हफ़्तों में भारत के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश हुई है.

इस दौरान बाढ़ के कारण क़रीब 80 लोगों की मौत हुई है और कुछ इलाक़े बढ़ते जल स्तर के कारण अलग-थलग पड़ गए हैं. बिहार के आठ ज़िलों में बाढ़ अलर्ट घोषित किया जा चुका है.

लेकिन सबसे चिंताजनक हालात अब भी उड़ीसा में बने हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि राज्य के दस ज़िलों के अधिकतर इलाक़ों में बाढ़ का पानी भर गया है.

उड़ीसा में स्थिति गंभीर

उड़ीसा के विशेष राहत आयुक्त पीके मोहापात्रा ने कहा है कि राज्य में बाढ़ से अबतक 55 लोग मारे गए हैं, जिनमें से कुछ की मौत डूबने के कारण हुई और अन्य घर की दीवार गिरने या सांप के काटे जाने से मरे हैं.

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Image caption उड़ीसा के कई इलाक़े अलग-थलग पड़ गए हैं. वहां हेलीकॉप्टर के ज़रिए पानी और खाना पहुंचाया जा रहा है.

अधिकारियों के अनुसार ढेनकनाल ज़िले में ब्राहमनी नदी में एक नाव पर सवार दस लापता लोगों को बचा लिया गया है.

राज्य के कुछ इलाक़े नदियों के बांध टूटने से अलग-थलग पड़ गए हैं. यहां खाना और पानी पहुंचाने के एकमात्र साधन हेलीकॉप्टर बचे हैं.

उड़ीसा में 61 हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है.

उधर उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 28 लोग मारे गए हैं. राज्य की गंगा और गोमती नदियों में जलस्तर बढ़ता जा रहा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार घरों के गिरने की अलग-अलग घटनाओं में जौनपुर ज़िले में 18 लोगों की मौत हुई है.

पड़ोसी राज्य बिहार में सरकार ने पटना समेत आठ ज़िलों में बाढ़ अलर्ट की घोषणा की है. यहां भी सोन और गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है.

अधिकारियों के अनुसार बिहार में इंद्रपुरी बराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है.

इसके अलावा सासाराम ज़िले में बाढ़ के कारण फंसे कम से कम 70 लोगों को बचा लिया गया है.

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