सरकार में नेतृत्व का संकट: भाजपा

 बुधवार, 28 सितंबर, 2011 को 14:33 IST तक के समाचार
सुषमा स्वराज और अरुण जेटली

अरुण जेटली ने कहा है कि यदि चुनाव होते हैं तो सरकार की वजह से ही होंगे

भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि विपक्ष की वजह से नहीं बल्कि नैतिकता और नेतृत्व के संकट की वजह से यूपीए सरकार अस्थिर हो जाएगी.

भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने एक पत्रकार वार्ता में कहा, “सरकार में नैतिकता और नेतृत्व का संकट है, साथ ही सरकार में विश्वसनीयता की भी कमी आई है, जिससे वो ख़ुद ही अस्थिर हो जाएगी.”

मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विपक्ष पर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों का आरोप लगाते हुए कहा था कि विपक्ष 'समय से पूर्व ही अधीर' हो गया है और चुनाव 'थोपना चाहता है'.

इन आरोपों को ग़लत बताते हुए जेटली ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सिर्फ़ तथ्यों को सामने रखा है और अगर चुनाव जल्दी होने की नौबत आएगी तो उसके लिए सरकार खुद ज़िम्मेदार होगी.

जेटली ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास तो ऐसे आंकड़े हैं ही नहीं कि वो सरकार गिरा सकें.

ये बहस सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर होने के बाद शुरू हुई, जिसमें 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में गृह मंत्री पी चिदंबरम की भूमिका की जांच की मांग की गई है.

मंत्रियों को बचाने का आरोप

पत्रवार्ता में मौजूद लोक सभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि न्यूयॉर्क से वापस आने के बाद प्रधानमंत्री ने एक बार फिर अपने एक मंत्री, पी चिदंबरम का बचाव किया है.

सुषमा स्वराज के मुताबिक इससे ऐसा लगता है कि सरकार भ्रष्टाचार मिटाने की बजाय भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अपने मंत्रियों का बचाव करने की मुहिम में लग गई है.

"सहयोगी दलों पर गाज गिरती है तो सरकार कार्रवाई करती है लेकिन जब कांग्रेस पार्टी की बारी होती है तो बचाव करती है"

सुषमा स्वराज

सीबीआई पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सीबीआई का सुप्रीम कोर्ट में चिदंबरम की जांच की ज़रूरत से इनकार करना सवाल पैदा करता है.

सुषमा स्वराज का कहना था, "सहयोगी दलों पर गाज गिरती है तो सरकार कार्रवाई करती है लेकिन जब कांग्रेस पार्टी की बारी होती है तो बचाव करती है."

उल्लेखनीय है कि जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करके कहा है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले में वित्तमंत्री के रूप में पी चिदंबरम की भूमिका की जाँच होनी चाहिए.

वित्त मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए एक पत्र के आधार पर ये याचिका दायर की गई है जिसमें कहा गया है कि यदि तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम चाहते तो इस सरकार को हुए राजस्व के नुक़सान को रोका जा सकता था.

लेकिन सीबीआई ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले में पूर्व वित्तमंत्री और वर्तमान गृहमंत्री चिदंबरम की जाँच से इनकार कर दिया है. उसका कहना है कि सारे मामले की जाँच पहले ही हो चुकी है और अब नए सिरे से जाँच करने की कोई ज़रुरत नहीं है.

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