कैसे हैं नीतीश कुमार?

छेदी पासवान
Image caption छेदी पासवान ने मीडिया पर भी आरोप लगाए हैं

मंत्री न बनाए जाने और हाशिए पर धकेल दिए जाने से नाराज़ जनता दल यूनाइटेड के विधायक छेदी पासवान ने अपने ही पार्टी के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

उन्होंने नीतीश कुमार के शासन को न केवल भ्रष्ट बताया है बल्कि पार्टी के भीतर लोकतंत्र ख़त्म करने का आरोप भी लगाया है. उन्होंने नीतीश कुमार को 'हाईटेक ड्रामा वाला शासक ', 'घोर मतलबी', 'सत्ता-मद में चूर','भ्रष्टाचार का पोषक','अंदर से क्रूर' और 'प्रतिशोधी प्रवृत्ति का अहंकारी.' आदि कहा है.

बीबीसी से हुई बातचीत में जब उनके पूछा गया कि उनकी नज़र में नीतीश सरकार की कैसी छवि है, तो वे फट पड़े.

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उनका कहना था, "हमें लग रहा है कि सिर्फ हाईटेक ड्रामा हो रहा है. जो पैसा ग़रीबों के हित में उन से जुड़ी विशेष अंगीभूत योजना के तहत ख़र्च होना चाहिए, उसे डायवर्ट करके लूट की गुंजाइश वाली योजनाओं और मुख्यमंत्री की छवि चमकाने वाले सरकारी विज्ञापनों पर ख़र्च किया गया. मुझे मालूम हुआ है कि छह साल में 11 सौ करोड़ रूपए मीडिया के ज़रिये प्रचार में लगा दिए गए."

पार्टी के बारे में उन्होंने नीतीश पर जो आरोप लगाए उससे लगा कि वे नीतीश कुमार को तानाशाह क़रार देना चाहते हैं, "इस पार्टी (जदयू) में डेमोक्रेसी तो अब रही नहीं, सिर्फ एक आदमी संगठन और सरकार चला रहा है.बाक़ी सब या तो नाम के हैं या बेकार. उस एक आदमी को ये क़तई बर्दाश्त नहीं कि उस पर दल में भी कोई सवाल उठाए."

वे याद करते हैं कि एक बार अपने क्षेत्र के किसानों की समस्या दूर करने के सवाल पर एक दिन मंत्रिमंडल की बैठक में ज़ोर डाला तो इस पर नीतीश कुमार ने कहा था कि 'छेदी जी, आप तो विरोधी दल के नेता की तरह बोलने लगे हैं.'

गंभीर आरोप

अब तक देश भर में नीतीश कुमार की छवि एक साफ़ सुथरे शासक की है. लेकिन उनकी ही पार्टी के विधायक छेदी पासवान ने उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं.

उन्होंने कहा, "इस राज में तो लालू-राबड़ी राज से भी ज़्यादा भ्रष्टाचार है और मुख्यमंत्री ने अपने पसंदीदा नौकरशाहों और अफ़सरों को छुट्टा सांड की तरह लूट मचाने को छोड़ दिया है."

छेदी मानते हैं कि पिछली चुनाव की जीत ने नीतीश की दृष्टि बदल दी है. वे आरोप लगाते हैं कि वे अब 'यूज एंड थ्रो वाली नीयत और नीति' पर काम करते हैं.

उन्होंने नीतीश को 'अहंकारी' और 'क्रूर' भी बताया है.

वे मानते हैं कि नीतीश कुमार जो राजनीतिक सपना देख रहे हैं वह पूरा होने वाला नहीं है. वे कहते हैं, "मुट्ठी भर सांसद वाले नेता हैं लेकिन प्रधानमंत्री बनने का ख़्वाब देख रहे हैं. ये सपना सपना ही रह जायेगा क्योंकि इनके असली रूप और सामर्थ्य का धीरे-धीरे सबको पता चल ही जाएगा."

उन्होंने मीडिया पर आरोप लगाया कि विज्ञापन हासिल करने के लिए वह नीतीश कुमार का गुणगान करता रहता है.

इन तमाम तीखी टिप्पणियों को सुनते हुए मैंने बीच-बीच में कई बार सवाल किए कि यह सब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आप की किसी व्यक्तिगत नाराज़गी या फिर मंत्री नहीं बनाये जाने की खीज मिटाने जैसी प्रतिक्रिया तो नहीं है? इस पर छेदी पासवान ने जवाब में जो भी कहा उसमें उनका मंत्री नहीं बनाये जाने वाला दुख-दर्द तो शामिल था ही, नीतीश कुमार से मिले तिरस्कार का दंश भी उन्हें मौजूदा शासन के स्याह पक्ष को बेबाकी से बोल देने की ताक़त दे रहा था.

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