बीजेपी का यूपीए पर तगड़ा हमला

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Image caption राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक दिल्ली में हो रही है

भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में केंद्र की यूपीए सरकार पर तगड़ा हमला बोलते हुए सीधे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सवालों के कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है.

कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली में हो रही है लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदयुरप्पा इसमें शामिल नहीं हुए हैं. इसे केंद्रीय नेतृत्व के प्रति नरेंद्र मोदी की नाराज़गी के तौर पर देखा जा रहा है.

पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कार्यकारिणी बैठक में अध्यक्ष नितिन गडकरी के भाषण के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी.

रविशंकर प्रसाद ने गडकरी के हवाले से कहा कि टू-जी मामले में जो सबूत पूर्व संचारमंत्री ए राजा के ख़िलाफ़ हैं, कमोबेश वैसे ही या ज़्यादा सबूत पी चिदंबरम के ख़िलाफ़ भी हैं.

उन्होंने सवाल किया, "ऐसा क्यों हैं कि ए राजा जेल में हैं और चिदंबरम बाहर? उनकी जगह भी जेल में है."

पार्टी अध्यक्ष ने सीधे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से जब भी कुछ पूछा जाता है तो वो कहते हैं कि मुझे जानकारी नहीं है या मैं देखूँगा.

गडकरी ने कहा,"अगर उन्हें (प्रधानमंत्री को) कोई जानकारी नहीं है, तो वो अपने पद पर क्यों है?".

सवाल

उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया है कि टू-जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस के आवंटन के तरीक़े पर पहले मंत्रियों के समूह को फ़ैसला करना था, पर अचानक प्रधानमंत्री ने इसे मंत्रियों के समूह के दायरे से बाहर क्यों किया?

गडकरी ने कहा कि सीबीआई को चिदंबरम के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से रोका जा रहा है. प्रधानमंत्री की भूमिका की भी जाँच की ज़रूरत पड़ सकती है.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि केंद्र सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं और सरकार की साख गड़बड़ा गई है.

Image caption गडकरी ने चिदंबरम की भूमिका की जाँच की मांग की

उन्होंने कहा कि इस सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.

पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद से पूछा गया कि क्या बीजेपी को मध्यावधि चुनाव की उम्मीद है, तो उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार अपने ही अंतरविरोधों के वज़न तले दबेगी लेकिन बीजेपी सरकार का वक़्त कम करने के लिए कुछ नहीं करेगी.

उत्तर प्रदेश के चुनाव के बारे में गडकरी ने पार्टी का रुख़ स्पष्ट किया और बताया कि भाजपा सपा या बसपा के साथ किसी भी परिस्थिति में गठबंधन नहीं करेगी.

उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की स्थिति दिनों दिन सुधर रही है, मगर साथ ही उन्होंने ये भी स्वीकार कर लिया कि अगर पार्टी को सत्ता नहीं मिली, तो वे विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे.

भाजपा अध्यक्ष ने अफ़ज़ल गुरु का मामला भी उठाया और कहा कि इसे लेकर इतना विवाद क्यों है. सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद इस पर विराम लगना चाहिए.

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