कनिमोड़ी ने अतिरिक्त आरोपों का विरोध किया

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Image caption कनिमोड़ी कलइनार टीवी की निदेशक हैं जिस पर 2जी स्पेक्ट्रम में कथित रुप से शामिल डीबी रियाल्टी से दो सौ करोड़ रुपए लेने के आरोप हैं

डीएमके की सांसद कनिमोड़ी और कलइनार टीवी के महाप्रबंधक शरद कुमार ने शनिवार को सीबीआई की ओर से लगाए जा रहे अतिरिक्त आरोपों का विरोध किया है.

दोनों ने अपने वकीलों के ज़रिए अदालत को दिए जवाब में कहा है कि वे 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के किसी षडयंत्र में शामिल नहीं थे.

उल्लेखनीय है कि अब तक इन दोनों पर सीबीआई ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के लाभार्थी होने के ही आरोप लगाए थे. लेकिन पिछले दिनों सीबीआई ने अदालत से कहा है कि वह दो नई धाराएँ लगाना चाहती है.

इनमें से एक धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात) और दूसरी 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) है.

खंडन

कनिमोड़ी और शरद कुमार के वकील वीजी प्रगासम और एसजे एरिस्टॉटल ने कहा अदालत से कहा, "कनिमोड़ी और शरद कुमार का 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से कोई लेना देना नहीं है और न ही वे स्पेक्ट्रम लाइसेंस के वितरण के लाभार्थी हैं. सीबीआई ने भी कहा है कि वे स्पेक्ट्रम आवंटन में हुए षडयंत्र में शामिल नहीं है."

कनिमोड़ी ने अपने जवाब में ये भी कहा है कि वे जनसेवक हैं और उन पर अतिरिक्त आरोप लगाने के लिए बाक़ायदा राज्यसभा के सभापति से अनुमति की ज़रुरत होगी.

कनिमोड़ी और शरद कुमार ने ज़मानत के लिए अर्ज़ी भी लगाई थी. इस पर फ़ैसले के लिए अदालत ने 17 अक्तूबर की तारीख़ तय की है.

सीबीआई कनिमोड़ी और शरद कुमार के अलावा पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, उनके पूर्व निजी सचिव आरके चंदोलिया और पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बहुरा के ख़िलाफ़ भी अतिरिक्त धाराएं लगाना चाहती है.

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