केंद्र ने कहा तेलंगाना पर और विचार-विमर्श की ज़रुरत

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Image caption कांग्रेस सरकार में मंत्री के वेंकट रेड्डी ने तेलंगाना के समर्थन में इस्तीफ़ा दिया.

आंध्र प्रदेश में अलग तेलंगाना राज्य के लिए जारी सरकारी कर्मचारियों की अनिश्चित काल की हड़ताल का शनिवार को 19वें दिन राज्य के बुनियादी ढांचा मंत्री के वेंकट रेड्डी ने कैबिनेट से और कांग्रेस के एक और विधायक ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया.

लेकिन दूसरी और कांग्रेस के आला कमान और केंद्र सरकार अब भी तेलंगाना समस्या के जल्द समाधान के मूड में दिखाई नहीं दे रही है.

शनिवार को वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों और कांग्रेसी नेताओं की दिल्ली में हुई बैठक में स्थिति पर विचार किया गया. इसके बाद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और कांग्रेस के आंध्र प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद दोनों ने अलग अलग बयानों में कहा कि तेलंगाना पर जल्द कोई फ़ैसला मुश्किल है और उसके लिए और भी सलाह मशविरे और समय की दरकार है.

प्रणब मुखर्जी ने कहा की उन्हें तेलंगाना की गंभीर स्थिति का अहसास है और उससे निबटने के लिए कल कांग्रेस कोर समिति में और आज वरिष्ठ नेताओं की बैठक में विचार किया गया.

शनिवार की बैठक में प्रणब मुखर्जी और आज़ाद के अलावा ए के एंटनी और अहमद पटेल भी मौजूद थे .

तेलंगाना समर्थक कांग्रेस नाराज़

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Image caption वेंकट रेड्डी रविवार को नलगोंडा में अपने एक लाख समर्थकों के साथ एक दिन का अनशन करने वाले है.

आज़ाद ने आंध्र प्रदेश में तीनों क्षेत्रों के कांग्रेसी नेताओं से बातचीत के बाद शुक्रवार को जो रिपोर्ट सोनिया गाँधी को पेश की थी उस पर कल ही कांग्रेस की कोर कमेटी की बैठक में विचार किया गया था.

सोनिया गाँधी की अध्यक्षता में हुई उस बैठक में विचार यह था की इस समस्या के समाधान के लिए और भी ज्यादा सलाह मशवरा करने की ज़रुरत है जिसमें समय लगेगा.

केंद्रीय नेताओं के इस तरह के वक्तव्यों ने तेलंगना के कांग्रेसी नेताओं को बुरी तरह से निराश किया है. मंत्री वेंकट रेड्डी के त्याग पत्र को इसी सन्दर्भ में देखा जा रहा है.

वेंकट रेड्डी ने आज सोनिया गाँधी को एक पत्र लिख कर मांग की कि वो जल्द ही तेलंगाना पर कोई फ़ैसला करें वरना राज्य और पार्टी के लिए हालात और भी ख़राब हो जाएंगे.

वेंकट रेड्डी रविवार को नलगोंडा में अपने एक लाख समर्थकों के साथ एक दिन का अनशन करने वाले है. उन्होंने ये धमकी भी दी है कि अगर तेलंगाना राज्य की मांग नहीं मानी गई तो नलगोंडा से होकर गुज़रने वाले उस राष्ट्रीय मार्ग को बंद कर दिया जाएगा जो तेलंगाना को आंध्र क्षेत्र से जोड़ता है.

दिल्ली में तेलंगाना समर्थक

इधर तेलंगना के लिए आन्दोलन चलने वाली संयुक्त संघर्ष समिति और तेलंगाना राष्ट्र समिति और दूसरे संगठनों के नेता दिल्ली में मौजूद हैं जो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और दूसरे नेताओं से मिलकर इस समस्या के जल्द समाधान की मांग करेंगे .

तेलंगाना के हालात बराबर बिगड़ते जा रहे हैं. तेलंगाना के लाखों हड़ताली कर्मचारी इस बात पर और भी भड़क गए हैं कf मुख्यमंत्री किरणकुमार रेड्डी ने उन्हें सिर्फ 12 दिन का वेतन देने के आदेश दिए हैं.

उन्हें हड़ताल की अवधि के लिए कोई वेतन नहीं दिया जाएगा. उसकी तुलना में जिन सरकारी कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया उन्हें पूरे महीने के वेतन के साथ साथ दशहरे के लिए अडवांस भी दिया गया है.

तेलंगाना के नेताओ ने सरकार पर आरोप लगाया है की वो इस तरह के कदम उठाकर तेलंगना के लोगों को और भी भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.

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