गोवा: करोड़ो के अवैध ख़नन पर बवाल

Image caption गोवा में अवैध ख़नन के ज़रिए करीब चार हज़ार करोड़ रुपये का घोटाला होने की आशंका जताई जा रही है.

गोवा में करोड़ों रुपए के अवैध ख़नन मामले में विधानसभा में लोक लेखा समिति यानि पीएसी की रिपोर्ट पेश होने पर संदेह के बादल मंडरा रहे हैं.

विपक्ष के नेता मनोहर पार्रिकर की अध्यक्षता वाली इस समिति की रिपोर्ट को बुधवार को विधान सभा में रखा जाना था. हांलाकि मनोहर पार्रिकर ने इस रिपोर्ट को स्पीकर को सौप दिया है पर स्पीकर ने अभी इसे सदन में पेश नही किया है.

मनोहर पार्रिकर की अध्यक्षता वाली समिति में सात सदस्य हैं, जिनमें तीन विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के और चार सदस्य सत्ताधारी पार्टी के हैं.

इन चार सदस्यों ने इस रिपोर्ट के ख़िलाफ़ मतदान किया था.

गोवा के स्थानिय पत्रकार संदेश प्रभु देसाई का कहना है कि इस रिपोर्ट की स्थिति भी 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जाँच करने वाली मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली पीएसी की रिपोर्ट जैसी ही हो गई है. जो कि स्पीकर के पास पहुँची ज़रूर पर इसका आगे कुछ नही हुआ.

संदेश प्रभु देसाई का ये भी कहना है इस घोटाले में मंत्रियों समेत प्रभावशाली नेताओं और ख़नन एवं वन विभाग के अफसरों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं और समिति इसकी जांच सीबीआई या लोकायुक्त जैसी संस्था से कराने की सिफारिश कर सकती है.

चार हज़ार करोड़ का घोटाला

ख़नन घोटाले में गोवा विधानसभा की लोक लेखा समिति पहले ही संकेत दे चुकी है कि पिछले वर्ष 2010 में 70.7 लाख टन लौह अयस्क का कोई हिसाब नहीं रखा गया है.

गोवा खनिज अयस्क निर्यात संघ के अनुसार पिछले वर्ष लौह अयस्क का निर्यात 5.5 करो़ड टन की ऊंचाई तक पहुंच गया था यानी एक दशक में निर्यात तीन गुना बढ़ गया.

वर्ष 2008 में बीजिंग ओलिंपिक से पूर्व लौह अयस्क की तेजी से बढ़ी मांग के बीच यहां अवैध ख़नन जोर-शोर से हुआ था.

गोवा में अवैध ख़नन के ज़रिए करोड़ों रुपए का घोटाला होने की आशंका जताई जा रही है.

ग़ौरतलब है कि सुप्रीमकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस एमबी शाह के नेतृत्व में गठित नौ सदस्यीय आयोग गोवा में अवैध ख़नन की जांच कर रहा है

शाह ने उन ख़नन स्थलों का दौरा भी किया हैं जो अवैध ख़नन के कारण विवादास्पद रहे हैं.

उम्मीद है कि जाँच पूरी होने के 45 दिन के भीतर आयोग अपनी रिपोर्ट सौंप देगा.

संबंधित समाचार