गुजरात का श्रेय ले संघ: केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह आंदोलन अन्ना का आंदोलन था संघ का नहीं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत पर पलटवार करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वे अन्ना के आंदोलन का श्रेय न लें और अगर 'उन्हें लेना ही है तो वे गुजरात में जो कुछ भी हुआ था उसका श्रेय लें'.

अन्ना हज़ारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह संघ का नहीं अन्ना का आंदोलन था.

उल्लेखनीय है कि नागपुर में दशहरा रैली को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि उनके कार्यकर्ता भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे.

इसके बाद से कांग्रेस के नेताओं ने टीम अन्ना को चुनौती दी थी कि वे संघ प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें.

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह अन्ना हजारे के आंदोलन के पीछे संघ का हाथ होने की बात कहते रहे हैं.

टीम अन्ना का पलटवार

संघ प्रमुख की ओर से आया ये बयान हरियाणा के हिसार में कांग्रेस के ख़िलाफ़ प्रचार करने पहुँची टीम अन्ना के लिए दुविधा पैदा करने वाला था.

संघ के बयान से कांग्रेस का आरोप सही साबित हो रहा था कि अन्ना का आंदोलन संघ का आंदोलन है.

इसलिए अरविंद केजरीवाल ने हिसार में एक सभा में भी अरविंद केजरीवाल ने इस पर तीखा जवाब दिया और बाद में टेलीविज़न चैनलों को दिए गए इंटरव्यू में भी इसे दोहराया.

एक टीवी चैनल से उन्होंने कहा, "एक तो लीडरशिप संघ की नहीं थी अन्ना की थी और दूसरे आंदोलन के संचालन में संघ की कोई भूमिका नहीं थी."

वर्ष 2002 में हुए दंगों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "मैं संघ प्रमुख मोहन भागवत से कहना चाहता हूँ कि आप जहाँ श्रेय लेना हो वहीं श्रेय लीजिए. गुजरात में जो कुछ भी हुआ था उसका श्रेय आप लीजिए."

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने एक आम सभा को संबोधित करते हुए संघ से कहा कि वह कर्नाटक में भाजपा के मुख्यमंत्री के रहते हुए भ्रष्टाचार का श्रेय लें.

अरविंद केजरीवाल ने कहा, "वो आंदोलन अन्ना का आंदोलन था, वो आरएसएस का आंदोलन नहीं था और जो लोग भी उसमें शामिल हुए वो हिंदुस्तानी के रूप में शामिल हुए."

अरविंद केजरीवाल के इस बयान के बाद संघ की ओर से उनके प्रवक्ता राम माधव ने एक बयान में कहा है कि संघ जो कुछ भी करता है वह श्रेय लेने के लिए नहीं करता.

पृष्ठभूमि

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption अन्ना हज़ारे ने कहा है कि उन्हें किसी राजनीतिक दल पर भरोसा नहीं है

उल्लेखनीय है कि अप्रैल में जब अन्ना हज़ारे पहली बार अनशन पर बैठे थे तो उनके मंच के पीछे 'भारत माता' की एक बड़ी सी तस्वीर लगा रखी थी. आमतौर पर संघ के कार्यक्रमों में इसी तरह की तस्वीरों का उपयोग होता है.

उसी दौरान मंच पर बाबा रामदेव के साथ संघ के प्रवक्ता राम माधव भी पहुँच गए थे. हालांकि टीम अन्ना ने राम माधव को वहाँ से हटने के लिए कह दिया था, लेकिन उसी समय से कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह अन्ना के आंदोलन पर संघ का आंदोलन होने का आरोप लगाते रहे हैं.

अन्ना हज़ारे बार-बार इस आरोप का खंडन करते रहे हैं कि उनके आंदोलन से संघ का कोई लेना देना नहीं है.

दशहरे की रैली में मोहन भागवत ने जो कुछ कहा उसने एक तरह से कांग्रेस के आरोप की पुष्टि कर दी है.

संबंधित समाचार