सोहराबुद्दीन फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले का गवाह फ़रार

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Image caption सोहराबुद्दीन के फ़र्ज़ी मुठभेड़ का मामला नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का ही है

सोहराबुद्दीन शेख़ फ़र्जी पुलिस मुठभेड़ मामले का एक अहम गवाह सिल्वेस्टर गुजरात पुलिस की गिरफ़्त से फ़रार हो गया है.

गुजरात पुलिस उसे अदालत में पेश करने के लिए उदयपुर ले गई थी.

हालांकि इस मामले पर गुजरात और राजस्थान पुलिस के बयानों में फ़र्क़ है. जहां राजस्थान पुलिस ने कहा है कि सिलवेस्टर ने शौचालय जाने का बहाना किया और वहां से ग़ायब हो गया. वहीं गुजरात पुलिस का कहना है कि वो शुक्रवार को तब भाग निकला जब वो चाय पीने के लिए राजपथ के किनारे रूके थे.

सिल्वेस्टर उर्फ़ दीपू सोहराबुद्दीन शेख मामले में एक अहम गवाह है और उसके भाग जाने से इस मुक़दमे में रुकावट आ जाने का ख़तरा है.

उसे एक दूसरे गैंगस्टर हमीद लाला की हत्या के मामले में उदयपुर ले जाया गया था.

सीबीआई जाँच

समाचार एजेंसी पीटीआई ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के सूत्रों के हवाले से कहा है कि उसने गुजरात पुलिस से इस मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

उदयपुर के पुलिस महानिरिक्षक गोविंद गुप्ता ने कहा है कि इस मामले में एक शिकायत पुलिस में दर्ज की गई है.

सिल्वेस्टर फिरौती के मामले में बड़ौदा की एक जेल में बंद था.

सोहराबुद्दीन शेख़ की हत्या एक फ़र्ज़ी पुलिस मुठभेड़ में नवंबर 2005 में कर दी गई थी. इस मामले में भारतीय पुलिस सेवा के तीन अधिकारियों समेत 14 पुलिसकर्मी जेल में बंद हैं.

सीबीआई का मानना है कि सिल्वेस्टर के पास सोहराबुद्दीन और उनकी पत्नी कौसर बी की हत्या के मामले में अहम सूचनाएं हैं.

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