प्रधानमंत्री पद की दावेदारी स्वास्थ्य पर निर्भर: आडवाणी

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Image caption लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित करने को लेकर भाजपा नेता एकमत नहीं हैं

वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि वे प्रधानमंत्री पद के दावेदार होंगे या नहीं ये इस पर निर्भर करेगा कि लोकसभा चुनाव के समय उनका 'स्वास्थ्य' और योगदान करने की'क्षमता' कितनी रहती है.

उनका कहना है कि इसका आकलन भी वे स्वयं करेंगे.

आडवाणी ने स्वीकार किया कि उनकी 38 दिनों की रथयात्रा का एक उद्देश्य 'सत्ता परिवर्तन' भी है.

अपनी रथयात्रा के दौरान मध्यप्रदेश में सतना से उमरिया की यात्रा कर रहे आडवाणी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि उनके प्रधानमंत्री पद के दावेदार होने के बारे में क्या पार्टी के भीतर एकमत है, तो उन्होंने कहा, "यह मेरे अपने आकलन पर निर्भर करेगा कि मैं कितना योगदान कर सकता हूँ और मेरा स्वास्थ्य कैसा है."

उन्होंने उमा भारती की इस टिप्पणी को भी ख़ारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो भी वाराणसी से भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाता है वह सर्वोच्च पद पर पहुँचता है. आडवाणी ने कहा, "मैंने अपनी यात्रा सिताब दियारा से शुरु की है न कि वाराणसी से."

प्रधानमंत्री के बयान की निंदा

इससे पहले आडवाणी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान की आलोचना की थी जिसमे उन्होंने कहा था कि सूचना के अधिकार के कानून या आरटीआई पर पैनी निगाह डालना ज़रूरी है.

आडवानी ने कहा कि सूचना के अधिकार का कानून सरकार को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद कर रहा है. मध्य प्रदेश के जबलपुर में पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा नेता ने कहा," मेरा दल आरटीआई कानून की समीक्षा के ख़िलाफ़ है क्योंकि मैं मानता हूँ कि यह सरकार को अधिक पारदर्शी बना रहा है." भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान ऐसे समय पर आया है जब कोई आरटीआई के कानून की शिकायत नहीं कर रहा था.

यूपीए सरकार की निंदा करते हुए आडवानी ने कहा कि उन्होंने " इतनी भ्रष्ट, अक्षम और लकवा मारी हुई सरकार इसके पहले नहीं देखी."

अडवाणी ने कहा कि उन्हें यह अच्छा लगा कि अन्ना हज़ारे ने प्रशांत भूषण के कश्मीर से संबंधित बयान का विरोध किया. हालाँकि भाजपा नेता ने यह भी कहा कि उनके बयान से कोई यह ना समझे कि टीम अन्ना नें आतंरिक विवाद से वो प्रसन्न हैं.

अडवाणी ने कहना है कि मध्य प्रदेश के सतना में भाजपा नेताओं द्वारा एक पत्रकार वार्ता में आमंत्रित पत्रकारों को लिफ़ाफ़े में 1000 रुपए रख कर देने के आरोप को उन्होंने बहुत ही गंभीरता से लिया है और राज्य भाजपा अध्यक्ष से इसकी जांच करने को कहा है.

उन्होंने कहा कि इस मामले में मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कार्रवाई कर दी है.

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