छत्तीसगढ़ में ट्रेन से कटकर 15 लोगों की मौत

 शनिवार, 22 अक्तूबर, 2011 को 21:45 IST तक के समाचार

भारत में रेलवे पटरियां पार करने के दौरान पहले भी कई जानलेवा हादसे हुए हैं. (फ़ाइल चित्र)

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में तारबहार रेलवे फाटक पार करने के क्रम में 15 लोगों की मौत हो गई है जबकि दर्जन भर लोगों के घायल होने की खबर है.

हादसे के बाद हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग ठप हो गया है.

यह घटना शाम 7:15 की है और कहा जा रहा है तीनों रेल पटरियों पर अचानक ट्रेनों के आ जाने से लोगों को अपने आप को बचाने का मौका नहीं मिला.

घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने ट्रेनों में जमकर तोड़-फोड़ की और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हवाई फायरिंग की है. इस फायरिंग में एक युवक को गोली लगी है जिसे अस्पताल ले जाया गया है.

गुस्साई भीड़ ने मौके का जायज़ा लेने पहुँचे कलेक्टर और अन्य अधिकारियों की कम से कम दस गाड़ियो में आग लगा दी.

बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक अजय यादव का कहना है कि रेल हादसे में घायल लोगो की संख्या बढ़ भी सकती है.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा उस समय हुआ जब लोग बंद रेलवे फाटक को पार कर रहे थे. कहा जा रहा है की ज़्यादातर मौतें बीच की पटरी पर माल गाड़ी की चपेट में आने से हुई हैं.

बिलासपुर, हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग का एक मत्वपूर्ण स्टेशन है. अमूमन शाम के वक़्त यह रेल मार्ग काफी व्यस्त होता है इसलिए रेल का फाटक भी देर तक बंद रहता है. चूँकि फाटक के खुलने का कोई ठीक नहीं रहता इसलिए लोग फाटक बंद रहने के बावजूद नीचे से होकर पटरियों को पार करते हैं.

हमेशा की तरह शनिवार की शाम भी लोग इसी तरह पटरियों को पार कर रहे थे जब अचानक तीनों पटरियों पर ट्रेने आ गयीं. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रेन कई मीटर तक चपेट में आए लोगों को घसीट कर ले गयी.

बिलासपुर के रहने वाले सोमनाथ यादव का कहना है कि इस फाटक पर ओवर ब्रिज बनाने की मांग एक लंबे अरसे से चली आ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि रेल प्रशासन इस मामले में ज्यादा दिलचस्पी नहीं ले रहा था.

वहीं बिलासपुर से विधायक और राज्य के स्वस्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल का कहना है कि हाल ही में रेलवे ने इस इलाके में भूमिगत ब्रिज बनाने को मंज़ूरी दे दी थी.

छत्तीसगढ़ की सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं जबकि रेल प्रशासन का कोई भी अधिकारी इस बारे में कुछ भी नहीं कहना चाह रहा है.

मुख्यमंत्री सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 50 हज़ार और घायल हुए लोगों को 20 हज़ार रूपए बतौर मुआवज़ा देने की घोषणा की है. रेलवे प्रशासन ने भी मृतकों के परिजनों को एक लाख़ और घायलो को 50 हज़ार रूपए मुआवज़ा देने की बात कही है.

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