कनिमोड़ी की ज़मानत याचिका पर फै़सला सुरक्षित

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Image caption कनिमोई पिछले कई महीनों से तिहाड़ जेल में बंद हैं.

डीएमके प्रमुख करुणानिधि की बेटी और सांसद कनिमोड़ी की जेल से बाहर आने की उम्मीदों को फिर झटका लगा है. 2जी स्पेक्र्ट्रम मामले में आरोपों को सुन रही विशेष सीबीआई अदालत ने कनिमोड़ी और चार दूसरे लोगों की ज़मानत पर आदेश सुरक्षित रख लिया है.

कनिमोड़ी, केटीवी प्रबंध निदेशक शरद कुमार, स्वान टेलीकॉम प्रोमोटर आसिफ़ बलवा, राजीव अग्रवाल और करीम मोरानी की ज़मानत पर फ़ैसला 3 नवंबर को सुनाया जाएगा.

सीबीआई ने अदालत में कनिमोड़ी की ज़मानत की अर्ज़ी का विरोध नहीं करने का फ़ैसला किया, लेकिन उसने कहा कि वो शाहिद बलवा और ए राजा के पूर्व सचिव आरके चंदोलिया की ज़मानत का विरोध करेगी.

43-वर्षीय कनिमोड़ी पिछले पाँच महीने से जेल में हैं. उन्हें 20 मई को गिरफ़्तार किया गया था. अब जबकि विशेष अदालत में सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय कर दिए गए हैं, सभी आरोपी ज़मानत पाने की कोशिश कर रहे हैं.

इससे पहले भी कनिमोड़ी ज़मानत पाने की कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें सफ़लता नहीं मिल पाई.

उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि एक बार जब उनके ऊपर आरोप तय हो जाते हैं तो फिर वो ज़मानत के लिए कोशिश कर सकती हैं.

सुनवाई

सीबीआई की विशेष अदालत में सोमवार को राज्य सभा सांसद और 2 जी मामले में अभियुक्त कनिमोड़ी समेत छह और अभियुक्तों की ज़मानत याचिका पर सुनवाई हो रही है.

इससे पहले कनिमोड़ी का पक्ष रखते हुए वकील अल्ताफ़ अहमद ने कहा था कि अब जब कनिमोड़ी के ख़िलाफ़ आरोप तय हो गए हैं तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कनिमोड़ी फिर से ज़मानत के लिए याचिका दायर कर रही हैं.

वकील का पक्ष था कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने कनिमोड़ी और शरद कुमार के मामले में आदेश दिया था कि ये दोनों आरोप तय किए जाने के बाद ज़मानत के लिए अपील कर सकते हैं तो इस आधार पर ज़मानत मिलनी चाहिए, लेकिन अब जबकि फ़ैसले को 3 नवंबर तक टाल दिया गया है, कनिमो़ड़ी की उम्मीदों को फिर झटका लगा है.

इससे पहले शनिवार को विशेष अदालत ने कनिमोड़ी और पूर्व मंत्री ए राजा समेत 15 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ आरोप तय करने के आदेश दिए थे. इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत आरोप तय किए गए हैं जिसमें आरोप सिद्ध होने पर आजीवन कारावास तक की सज़ा मिल सकती है.

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के मामले के 17 अभियुक्तों में 14 व्यक्ति और तीन कंपनियां (रिलायंस टेलिकॉम, स्वान टेलिकॉम, यूनिटेक) शामिल हैं.

आरोपियों में पूर्व दूरसंचार मंत्री, ए राजा और डीएमके सांसद कनीमोड़ी के अलावा राजा के पूर्व निजी सचिव आरके चंदोलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्दार्थ बेहुरा, डीएमके के कलईनार टीवी के शरद कुमार, बॉलीवुड फिल्मकार करीम मोरानी शामिल हैं.

इनके अलावा रिलायंस अनिल धीरुबाई अंबानी ग्रुप के गौतम दोशी, हरि नायर और सुरेन्द्र पिपारी, स्वॉन टेलिकॉम के शाहिद बलवा, आसिफ बलवा और राजीव अग्रवाल, यूनिटेक के संजय चन्द्रा और डीबी रिएल्टी के विनोद गोयनका भी टूजी मामले में आरोपी हैं.

इनमें से राजा, बेहुरा और चंदौलिया पर आपराधिक विश्वासघात और बाकि 14 आरोपियों पर आपराधिक विश्वासघात के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है.

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