'मैं आईटम गर्ल नहीं, तो फिर निमंत्रण क्यों?'

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Image caption भारत में पहली बार हो रहे फ़ॉर्मूला वन कार रेस को लेकर कोई एक राय नहीं है.

रविवार को जब दिल्ली के समीप ग्रेटर नोएडा में देश का पहला फॉर्मूला वन कार रेस आयोजित हो रहा होगा तो भारत के खेल मंत्री अजय माकन वहां मौजूद नहीं होंगे.

केंद्रीय खेल मंत्री ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्वीटर पर दिए गए संदेश में लिखा है कि जब एफ़वन की शुरूआत हो रही है खेल मंत्री के तौर पर मैं कोयिलंडी में पीटी ऊषा के एकेडमी की आधारशिला रख रहा हूं.

अजय माकन ने कार रेस करवा रही कंपनी, जेपी समूह, के कर छूट के आग्रह पर मुहर लगाने से इंकार कर दिया था.

कहा जा रहा है कि आयोजनकर्ताओं ने 600 करोड़ रूपये के कर छूट दिए जाने की मांग की थी.

अजय माकन ने कहा कि उन्हें इस आयोजन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "मैं जानता था कि मुझे निमंत्रण नहीं मिलेगा क्योंकि खेल मंत्री के तौर पर मैंने आयोजनकर्ताओं के कर छूट की मांग से इंकार कर दिया था."

ये सवाल उनसे केरल में किया गया था जहां वो पूर्व धावक पीटी ऊषा के कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे.

कटाक्ष

अजय माकन ने आगे बोलते हुए कहा, "इसके अलावा, न तो मैं स्टार हूं, न ही कोई ख्याति प्राप्त व्यक्ति हूं, और न ही मैं कोई आईटम गर्ल हूं. तो फिर मुझे क्यों आमंत्रित किया जाए?"

अजय माकन के इस बयान को कार रेस के आयोजन पर कटाक्ष के तौर पर भी देखा जा रहा है.

पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि फ़ॉमूर्ला वन कार रेस धनाड्य लोगों का एक शौक है जिसपर करोड़ो रूपये लुटाए जा रहे हैं जबकि देश में खेलों के लिए धन मिलना मुश्किल हो रहा है.

मणिशंकर अय्यर पहले राष्ट्रमंडल खेलों पर भी ये कहते हुए सवाल उठा चुके हैं कि इससे भारत में खेल और खिलाड़ियों को किसी तरह का फ़ायदा नहीं होगा.

इधर जेपी समुह के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने अजय माकन को निमंत्रण पत्र भेजा था. न सिर्फ खेल मंत्री बल्कि प्रधानमंत्री को भी.

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Image caption आयोजन के दौरान पाश्चात्य संगीत गायकों और समूहों ने भारत का दौरा किया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार खेल मंत्रालय के अधिकारियों ने माना है कि मंत्री के घर पर आयोजन के दो पास भेजे गए थे. लेकिन उनका कहना है कि इसके साथ किसी तरह का संदेश नहीं था.

खेल अधिकारी का कहना था कि आप किसी मंत्री या गणमान्य व्यक्ति को इस तरह किसी आयोजन में नहीं बुलाते हैं.

सवाल

जेपी ग्रुप ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में क़रीब 2,000 करोड़ रूपयों की लागत से बुद्ध अंतरराष्ट्रीय ट्रैक का निर्माण करवाया है जहां कार रेस होगी.

कई तरफ़ से सवाल उठ रहे हैं कि रेस ट्रैक बनाने के लिए जो ज़मीन आयोजनकर्ताओं को दी गई हैं वो किसानों से किस नाम पर ली गई थीं? कहीं ऐसा तो नहीं कि उधोग क्षेत्र या घरों के निर्माण के नाम पर लगी गई ज़मीन को कार रेस ट्रैक बनाने के लिए किसी निजी कंपनी के हवाले कर दिया गया है?

हालांकि सरकार ने फार्मूला वन को कर छूट देने से मना कर दिया लेकिन इसी तरह की छूट राष्ट्रमंडल खेलों और क्रिकेट वर्ल्ड कप को दी जा चुकी हैं. मगर सरकार का कहना है कि उसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई थीं.

ये पहली बार नहीं जबिक फ़ॉर्मुला वन विवादों में हो.

सुप्रीम कोर्ट इस आयोजन के मनोरंजन और लग्ज़री कर माफ़ करने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेज चुका है.

ये नोटिस एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान जारी किया गया था.

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