सुधींद्र कुलकर्णी और दो अन्य को फ़िलहाल ज़मानत नहीं

सुधींद्र कुलकर्णी इमेज कॉपीरइट pti
Image caption सुधींद्र कुलकर्णी लालकृष्ण आडवाणी के सलाहकार रह चुके हैं

दिल्ली हाई कोर्ट ने नोट के बदले वोट कांड में सुधींद्र कुलकर्णी और भारतीय जनता पार्टी के दो पूर्व सांसदों फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर सिंह भगोरा की ज़मानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है.

अदालत ने दिल्ली पुलिस से 14 नवंबर तक इसका जवाब देने को कहा है. इसका मतलब ये हुआ कि ये तीनों कम से कम 14 नवंबर तक जेल में ही रहेंगे.

25 अक्तूबर को तीस हज़ारी कोर्ट ने इन तीनों की ज़मानत याचिका ठुकरा दी थी.

अमर सिंह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो पूर्व सांसदों फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर सिंह भगोरा को छह सितंबर को गिरफ़्तार किया गया था.

जबकि सुधींद्र कुलकर्णी को 27 सितंबर को गिरफ़्तार किया गया था.

मामला

वर्ष 2008 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार के विश्वास प्रस्ताव के दौरान सांसदों को घूस देने की कथित कोशिश का मामला सामने आया था.

दरअसल अमरीका के साथ परमाणु समझौते के मुद्दे पर सरकार को समर्थन दे रही वामपंथी पार्टियों ने समर्थन वापस ले लिया था.

22 जुलाई को मतदान से कुछ घंटे पहले भाजपा के तीन सांसदों ने लोकसभा में नोटों की गड्डियां लहराईं और दावा किया कि उन्हें सरकार के पक्ष में मतदान के लिए ये पैसे दिए गए हैं.

लोकसभा में नोटों की गड्डियाँ दिखाने वाले तीन तत्कालीन सांसद अशोक अर्गल, फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भगोरा भाजपा के थे.

अमर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने भाजपा सांसदों को पैसे देने की साज़िश रची.

संबंधित समाचार