अन्ना की चेतावनी, सरकार का फिर आश्वासन

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Image caption अन्ना हज़ारे ने राज्यों का दौरा करने की भी बात कही है

लोकपाल विधेयक लाने की मांग कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा है.

इस पत्र में अन्ना हज़ारे ने कहा है कि अगर संसद के शीतकालीन सत्र में जनलोकपाल पर कठोर क़ानून नहीं बना तो वे अपना आंदोलन दोबारा शुरू करेंगे.

इस पत्र की कॉपी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय क़ानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद को भी भेजी गई है.

इस पर अपनी प्रतिक्रिया में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा है कि अन्ना के अनशन की जरूरत ही नजर नही आ रही है.

अंबिका सोनी ने कहा, "हमारे तमाम नेता और प्रधानमंत्री ने स्वयं कहा है कि हम एक बेहद ताक़त वाला, सशक्त, लोकपाल के रूप में एक विधेयक लाएंगे और स्थायी समिति उस पर तेजी से काम कर रही है."

उन्होंने कहा है कि सरकार ने बार-बार अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, इसलिए बार-बार चेतावनी का तलब समझ में नही आ रहा है.

अन्ना हज़ारे ने पत्र में याद दिलाया है कि सरकार ने अपने मंत्री विलासराव देशमुख के हाथों भेजे पत्र में ये आश्वासन दिया था कि संसद के शीतकालीन सत्र में लोकपाल विधेयक लाया जाएगा.

अन्ना का कहना है कि सरकार और पार्टी के कई ज़िम्मेदार लोग संदेह पैदा करने वाला बयान दे रहे हैं, जो ठीक नहीं है.

फिर अनशन

अन्ना ने लिखा है, "मैंने फिर से निर्णय लिया है कि शीतकालीन अधिवेशन में एक सशक्त जनलोकपाल विधेयक क़ानून नहीं बनता है तो मैं शीतकालीन अधिवेशन के आख़िरी दिन अपना आंदोलन शुरू करूँगा."

अन्ना ने ये भी कहा है कि उनकी टीम लोक शिक्षा के लिए कई राज्यों का दौरा करेगी.

उन्होंने कहा है कि पाँच राज्यों में चुनाव के दौरान वे किसी भी पक्ष या पार्टी का नाम न लेते हुए सदाचारी लोगों को वोट करने और गुंडा, भ्रष्ट और लुटेरों को वोट न देने की बात जनता के सामने रखेंगे.

अन्ना हज़ारे ने अपने पत्र में मनमोहन सिंह से विनती की है कि वे आश्वासन के मुताबिक़ शीतकालीन अधिवेशन में जनलोकपाल विधेयक को पेश करें.

दौरा

अन्ना का कहना है कि इसी आश्वासन के कारण उन्होंने पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान अपना दौरा करना रद्द कर दिया था.

अन्ना ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पिछली बातें याद दिलाते हुए लिखा है कि 16 अगस्त से शुरू हुए उनके अनशन को रुकवाने के लिए उन्होंने अपने मंत्री विलासराव देशमुख को रामलीला मैदान में भेजा था.

अन्ना के मुताबिक़ प्रधानमंत्री के आश्वासन वाला पत्र विलासराव देशमुख ने पढ़कर पूरे देशवासियों को सुनाया था.

अन्ना ने अब उसी आश्वासन को याद दिलाते हुए संसद के शीतकालीन सत्र में जनलोकपाल विधेयक लाने की बात कही है और ये भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनका अनशन फिर शुरू हो जाएगा.

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