अमर सिंह को इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति

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Image caption अमर सिंह के गुर्दे का प्रत्यारोपण किया गया है

दिल्ली की एक अदालत ने 'नोट के बदले वोट' मामले के अभियुक्त और राज्य सभा के सांसद अमर सिंह को इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी है.

विशेष जज संगीता ढींगरा ने अमर सिंह को आठ नवंबर से 30 नवंबर तक इलाज के लिए सिंगापुर जाने की इजाज़त दे दी है लेकिन विदेश जाने से पहले उन्हें पाँच लाख के निजी मुचलका देना होगा.

अमर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2008 में विश्वास मत के लिए तीन भाजपा सांसदों, अशोक अर्गल, फ़ग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर सिंह भगोड़ा को कथित तौर पर घूस दी थी.

अमर सिंह ने अदालत से इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति माँगी थी.

इस अर्ज़ी में अमर सिंह ने कहा था कि उनके गुर्दे के प्रत्यारोपण के बाद से ही उनका सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है और उन्हें जाँच के लिए वहाँ जाना पड़ता है.

इससे पहले जब वे न्यायिक हिरासत में थे तब भी उनका इलाज दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चल रहा था.

शेष अभियुक्त जेल में

दिल्ली हाईकोर्ट ने गत 24 अक्तूबर को उनके स्वास्थ्य को देखते हुए 'मानवीय आधार' पर ज़मानत दे दी थी.

हाईकोर्ट ने ज़मानत देते वक्त ये भी स्पष्ट किया था कि वे अदालत की अनुमति के बग़ैर देश छोड़कर नहीं जा सकते.

तिहाड़ जेल में स्वास्थय बिगड़ने के बाद 55 वर्षीय अमर सिंह को एम्स में भर्ती करवाया गया था.

लेकिन स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें 30 अक्तूबर को एम्स से छुट्टी मिल गई थी.

'नोट के बदले वोट' मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता एलके आडवाणी के पूर्व सहायक सुधींद्र कुलकर्णी, सुहेल हिंदुस्तानी और संजीव सक्सेना भी अभियुक्त हैं

विश्वास मत से पहले इन तीन भाजपा सांसदों ने नोटों की गड्डियाँ संसद में लहराई थीं और आरोप लगाया था कि उन्हें ये पैसा मनमोहन सिंह सरकार के पक्ष में वोट देने के लिए मिला था.

इस मामले में मुक़दमें का सामना कर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से सहयोगी सुधींद्र कुलकर्णी, पूर्व सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और महाबीर सिंह भगौरा, सुहैल हिंदूस्तानी और अमर सिंह के पूर्व सहयोगी अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं.

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