कनिमोड़ी की ज़मानत याचिका ख़ारिज

 गुरुवार, 3 नवंबर, 2011 को 14:35 IST तक के समाचार

कनीमोड़ी पिछले पाँच महीने से जेल में हैं, उन्हें 20 मई को गिरफ़्तार किया गया था.

टू-जी स्पैक्ट्रम मामले में जेल में बंद राज्यसभा सांसद कनिमोड़ी और सात अन्य लोगों की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी गई है.

दिल्ली में सीबीआई की विशेष अदालत ने कनिमोड़ी, कलईनार टीवी के प्रबंधक निदेशक शरद कुमार, स्वॉन टेल्कॉम के प्रोमोटर शाहिद बलवा, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के सचिव आर के चंदौलिया, आसिफ बलवा, राजीव अग्रवाल और फ़िल्मकार करीम मोरानी की ज़मानत याचिका पर ये फ़ैसला दिया है.

कनीमोड़ी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 437 के तहत 'महिला' होने के आधार पर ज़मानत की अर्ज़ी लगाई थी लेकिन अदालत ने कहा, "कनीमोड़ी समाज के प्रभावशाली तबके से आती हैं इसलिए ये किसी हालत में नहीं कहा जा सकता कि एक महिला होने के नाते उनके साथ कोई भेदभाव किया जा रहा है".

कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अदालत ने कहा कि ‘आरोपियों ने जनता के पैसे को निजी ख़र्च के लिए इस्तेमाल किया और अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया’. आदेश में कहा गया, ‘आरोप इतने संगीन हैं कि ज़मानत नहीं दी जा सकती’.

आरोपियों के व़कील, अमन लेखी ने कहा, "सिर्फ़ संगीन आरोप होने की वजह से ऐसा फ़ैसला लेना सही नहीं है, साथ ही सीबीआई के पांच आरोपियों की ज़मानत का विरोध ना करने के बावजूद अदालत ने अर्ज़ी ख़ारिज कर दी, ये सबूतों की अनदेखी है, हम इसका विरोध करेंगे."

43-वर्षीय कनिमोड़ी को ज़मानत दिए जाने की उम्मीद में टीआर बालू समेत डीएमके के कई नेता अदालत परिसर में मौजूद थे.इससे पहले भी कनिमोड़ी ज़मानत पाने की कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें सफ़लता नहीं मिल पाई.

सुनवाई

22 अक्तूबर को विशेष अदालत ने कनिमोड़ी और पूर्व मंत्री ए राजा समेत 15 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ आरोप तय करने के आदेश दिए थे.

आरोपियों के व़कील, अमन लेखी

"सिर्फ़ संगीन आरोप होने की वजह से ऐसा फ़ैसला लेना सही नहीं है, साथ ही सीबीआई के पांच आरोपियों की ज़मानत का विरोध ना करने के बावजूद अदालत ने अर्ज़ी ख़ारिज कर दी, ये सबूतों की अनदेखी है, हम इसका विरोध करेंगे."

इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत आरोप तय किए गए हैं जिसमें आरोप सिद्ध होने पर आजीवन कारावास तक की सज़ा मिल सकती है.

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के मामले के 17 अभियुक्तों में 14 व्यक्ति और तीन कंपनियाँ (रिलायंस टेल्कॉम, स्वान टेल्कॉम, यूनिटेक) शामिल हैं.

आरोपियों में पूर्व दूरसंचार मंत्री, ए राजा और डीएमके सांसद कनिमोड़ी के अलावा राजा के पूर्व निजी सचिव आरके चंदौलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, डीएमके के कलईनार टीवी के शरद कुमार, बॉलीवुड फ़िल्मकार करीम मोरानी शामिल हैं.

इनके अलावा अनिल धीरुबाई अंबानी ग्रुप के गौतम दोषी, हरि नायर और सुरेंद्र पिपारी, स्वॉन टेल्कॉम के शाहिद बलवा, आसिफ बलवा और राजीव अग्रवाल, यूनिटेक के संजय चंद्रा और डीबी रिएल्टी के विनोद गोयनका भी 2-जी मामले में अभियुक्त हैं.

इनमें से राजा, बेहुरा और चंदौलिया पर आपराधिक विश्वासघात और बाक़ी 14 अभियुक्तों पर आपराधिक विश्वासघात के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है.

टू-जी मामले में अब 11 नवंबर से सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई शुरू हो जाएगी.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.