'पता नही कितना है काला धन विदेशों में'

मनमोहन सिंह
Image caption विदेशों में जमा काला धन वापस लाने के लिए सरकार पर काफ़ी दबाव है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि विदेशों में जमा काला धन भारत वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे.

समाचार एजेंसी इंडो एशियन न्यूज़ सर्विस (आईएएनएस) के मुताबिक़ जी20 देशों के सम्मेलन में कान गए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को कहा है कि काला धन वापस लाने की प्रकिया में जी20 देशों के नेताओं से जो सहयोग मिल रहा है उससे वह संतुष्ट है.

एजेंसी के मुताबिक मनमोहन सिंह ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा है कि उन्हे नही पता है कि विदेशों में जमा काला धन वापस लाने में कितना समय लगेगा.

समाचार एजेंसी को दिए एक बयान में मनमोहन सिंह ने कहा, "मै ज्योतिष नही हूं और सब कुछ हमारे मुताबिक़ नही हो सकता. हम संप्रभुता वाले देशों के साथ काम कर रहे है." प्रधानमंत्री के अनुसार काला धन भारत वापस लाने के प्रयास में सहयोगी देश अपने यहां के कानून के तहत ही सहयोग दे पाएंगे.

मनमोहन सिंह के मुताबिक़ सहयोगी देशों के साथ इसी दिशा में नए समझौते भी किए जा रहे है.

आईएएनएस के अनुसार, जी20 सम्मेलन के समाप्त होने के बाद मनमोहन सिंह ने कहा, “काला धन वापस लाने की कोशिश एक सतत प्रयास है और मुझे नही पता कि ऐसा कितना धन विदेशों में जमा है.”

काले धन का मुद्दा जी20 में

जी20 देशों के नेताओं ने संयुक्त रूप से एक बयान जारी करके कहा है कि वह अपने देशों के कानून की उन ख़ामियों को दूर करने की कोशिश करेंगे जिसके चलते उनके पास काला धन जमा करना आसान माना जाता है.

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जी20 देशों के इस वक्तव्य पर खुशी जताई है.

मनमोहन सिंह के मुताबिक यह बयान बैकिंग की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और कर चोरी के मामलों में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए भारत की मांग के समर्थन में है.

आईएएनएस के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, ‘हमारे एजेंडा का यह एक अभिन्न अंग था.’

जानकारियों का आदान प्रदान

विदेशों में जमा काला धन वापस लाने के लिए भारत सरकार पर काफ़ी दबाव है.

सरकार ने गुप्त रखें गए बैंक ख़ातों को खंगालने के लिए केन्‍द्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड के अंतर्गत एक निदेशालय के अलावा कई संस्थाए भी स्थारित किए है.

भारत ने जी20 सम्मेलन में काला धन के ख़िलाफ़ मुहिम के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता जताई है.

कर मामलों पर देशों के बीच आपसी प्रशासनिक सहायता और काला धन से संबंधित जानकारियों के आदान प्रदान के लिए समझौते पर भारत जल्द ही अपनी स्वीकृति दे देगा.

इस समझौते के तहत भागीदारी लेने वाले सभी देशों के बीच जानकारियों का आदान प्रदान स्वचालित तरीकें से किया जाएगा.

आईएएनएस से मिली जानकारी के अनुसार चीन और सउदी अरब भी इस समझौते के पक्ष में है और जल्द ही इस पर दस्तख़त कर देंगे.

इस समझौते पर अर्जेंटीना, ब्राज़ील, जर्मनी और रूस समेत दस देशों ने गुरूवार को हस्ताक्षर किए, जबकि ब्रिटेन और अमरीका समेत छह अन्य देश समझौते पर पहले ही दस्तख़त कर चुके है.

संबंधित समाचार