जगन से पूछताछ, समर्थकों पर लाठीचार्ज

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Image caption जगन रेड्डी से अवैध खनन संबंधी और आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूछताछ हुई है

जहाँ हैदराबाद में केंद्रीय जाँच ब्यूरो ने कच्चे लोहे के कथित अवैध खनन के मामले में सांसद जगनमोहन रेड्डी से पूछताछ की है, वहीं सीबीआई दफ़्तर के बाहर उनके समर्थकों की पुलिस के साथ झड़पें हुई हैं.

हैदराबाद में जगनमोहन रेड्डी के समर्थकों के साथ झड़पों के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया है और आँसू गैस के गोले छोड़े हैं.

वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद वाईएस जगनमोहन रेड्डी से इस मामले के मुख्य अभियुक्त और कर्नाटक के पूर्व मंत्री गाली जनार्धन रेड्डी से व्यापारिक संबंधों पर सवाल पूछे हैं.

गाली जनार्धन रेड्डी को सीबीआई ने पाँच सितंबर को गिरफ़्तार किया था. उन पर ओबुलापुरम कंपनी पर आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जि़ले और कर्नाटक के बेल्लारी ज़िले में कच्चे लोहे के अवैध खनन और आयात के आरोप हैं.

अत्यधिक सुरक्षा में पूछताछ

जगन शुकवार की सुबह कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच हैदराबाद के कोठी इलाके में स्थित सीबीआई के कार्यालय में पहुँचे.

वाईएसआर कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं से पहले ही आहवान किया था कि वो बड़ी संख्या में जमा होकर सीबीआई के विरुद्ध प्रदर्शन करें.

सीबीआई सूत्रों के अनुसार जगन से पूछताछ उनकी जगती पब्लिकेशन्स कम्पनी और गली जनार्धन रेड्डी की दो कंपनियों रेड गोल्ड और आरआर इंटरप्राईज़ेस के बीच संबंधों के बारे में पूछा गया.

सीबीआई इस बात की छानबीन कर रही है कि ओबुलापुरम कंपनी ने लोहे के खनन से जो पैसा कमाया है वोह रेड गोल्ड और आरआर इंटरप्राईज़ेस के माध्यम से जगती पब्लिकेशन्स में लगाया गया या नहीं.

जगती पब्लिकेशन्स कम्पनी जगन के तेलुगु दैनिक समाचार पत्र "साक्षी" की मालिक है. गाली जनार्धन रेड्डी की ओबुलापुरम कंपनी को अनंतपुर में लोहे के खनन का लाइसेंस तब दिया गया था जब जगन के पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी राज्य के मुख्यमंत्री थे.

लोहे के खनन के मामले के अलावा, सीबीआई जगन रेड्डी की संपत्ति की भी अलग से छानबीन कर रही है. वे लगभग 450 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ आंध्र प्रदेश के सब से दौलतमंद सांसद हैं.

एमार घोटाले में गिरफ़्तारी

इस बीच गुरुवार को देर रात की गई कार्रवाई में सीबीआई ने आंध्र प्रदेश के एक बड़े उद्योगपति कोनेरू प्रसाद को एमार प्रॉपर्टीस मामले में गिरफ़्तार किया है.

प्रसाद उस स्टाइलिश होम्स कंपनी के संचालक हैं जिसे हैदराबाद में दुबई की एमार कम्पनी की बनाई हुई टाउनशिप के विलाज़ बेचने का काम दिया गया था.

सीबीआई एमार कम्पनी और अन्य के विरुद्ध आरोपों की छानबीन कर रही है.

एमार पर आरोप है कि उसने स्टालिश होम्स के साथ अपने सौदे की कोई सूचना सरकार को नहीं दी हालाँकि यह टाउनशिप एमार और राज्य सरकार की सांझी परियोजना थी.

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