मोदी ने आडवाणी की यात्रा का स्वागत किया

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Image caption आडवाणी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ 38 दिन की जनचेतना यात्रा पर निकले हैं

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की जन चेतना यात्रा रविवार को गुजरात पहुंची. राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने यात्रा का स्वागत किया.

पहले ये यात्रा गुजारत से ही शुरु होनी थी लेकिन राजनीतिक अटकलों के मुताबिक मोदी इस बात के ख़िलाफ़ थे कि आडवाणी यात्रा को गुजरात से शुरू करें. बाद में इस यात्रा को गुजरात की बजाय अक्तूबर में बिहार के सिताब दियरा से शुरू किया गया था.

गुजरात में आडवाणी की जन चेतना यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी आडवाणी के साथ रहेंगे.

गुजरात भाजपा ने यात्रा को सफल बनाने के लिए काफ़ी इंतेज़ाम किए हैं.

पार्टी प्रवक्ता आई के जडेजा के मुताबिक़ आडवाणी की यात्रा अगले दो दिन में गुजरात के सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद शहरों से होकर गुज़रेगी.

शनिवार को जन चेतना यात्रा के केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव पहुंचने पर आडवाणी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि उनकी यात्रा का मक़सद लोगों को महंगाई और भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक बनाना है.

मोदी बनाम आडवाणी

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Image caption नरेंद्र मोदी के सद्भावना उपवास के दौरान आडवाणी भी वहां पहुंचे थे

जनचेतना यात्रा के गुजरात पहुंचने को लेकर कई कयास लगाए जा रहे थे.

38 दिन की इस यात्रा की शुरुआत गुजरात से ही होनी थी लेकिन नरेंद्र मोदी ने आडवाणी की इस महत्वाकांक्षी योजना को गुजरात से शुरू करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

इस यात्रा को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद गहरे मतभेद थे.

राजनीतिक गलियारों में ये क़यास लगाए जा रहे थे कि नरेंद्र मोदी ने जनचेतना यात्रा से इसलिए इनकार कर दिया था क्योंकि वो यात्रा को आडवाणी द्वारा ख़ुद को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की योजना से जोड़कर देख रहे थे.

आडवाणी ने जनचेतना यात्रा की घोषणा सितंबर में मोदी के क़ामयाब सदभावना उपवास के ठीक बाद की थी.

माना जा रहा था कि मोदी ने ये उपवास गुजरात दंगों से जुड़े आरोपों के बाद अपनी छवि सुधारने के लिए किया था. उनके उपवास में लालकृष्ण आडवाणी समेत पार्टी के कई बड़े नेताओं ने शिरकत भी की थी.

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