सौम्या बलात्कार मामले में मौत की सज़ा

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Image caption भारत में पिछले दिनों बलात्कार की घटनाएं तेज़ी से बढ़ी हैं.

केरल में त्रिशूर की एक अदालत ने एक महिला की हत्या और बलात्कार के मामले में दोषी गोविंदाचामी को मौत की सज़ा सुनाई है.

गोविंदाचामी ने 23 वर्षीय सौम्या को पहले तो लूटने की कोशिश की और फिर उन्हें ट्रेन से धक्का दे दिया.

रेल से गिरने के कारण सौम्या को गंभीर चोटें आई थीं लेकिन फिर भी घायल अवस्था में उनके साथ बलात्कार किया गया.

पांच दिनों के बाद यानी छह फ़रवरी 2011 को त्रिशूर के सरकारी मेडिकल अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी.

शुक्रवार को फ़ैसला सुनाते हुए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायधीश रवींद्र बाबू ने कहा कि अभियुक्त का व्यवहार क्रूरतापूर्ण था.

अपील

गोविंदाचामी को मौत की सज़ा तब ही दी जा सकेगी, जब उसे हाई कोर्ट की मंज़ूरी हासिल हो जाएगी. ये एक सामान्य प्रक्रिया है जो मौत की सज़ा के मामले में अपनाई जाती है.

अदालत ने दोषी को एक अन्य धारा के तहत उम्र क़ैद और एक लाख रूपए के जुर्माने की सज़ा भी सुनाई है. अगर वो ये रक़म नहीं अदा कर पाए तो उन्हें दो साल और क़ैद होगी.

दो अन्य धाराओं के भीतर उन्हें सात साल की कड़ी सज़ी दी गई है और एक हजा़र रूपए जुर्माना भी लगाया गया है.

अदालत ने कहा है कि जुर्माने की रक़म पीड़िता के परिवार को दी जाएगी. गोविंदाचामी के वकील ने कहा है कि वो फैसले के ख़िलाफ़ ऊंची अदालत में जाएंगे.

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