'खनन मालिकों से मिल रही थी धमकियां'

Image caption वाल्सा जॉन की मंगलवार को हत्या कर दी गई थी.

झारखंड में हत्या की गई नन के परिजनों का कहना है कि उन्हें स्थानीय कोयला खदानों के मालिकों से धमकियां मिल रही थीं.

मंगलवार को झारखंड के पाकुड़ जिले में सिस्टर वाल्सा जॉन के घर करीब 50 लोग घुस आए थे और उन्होंने सिस्टर की हत्या कर दी थी.

इस हत्या की झारखंड से बाहर भी निंदा हो रही है और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है.

लेफ्ट पार्टियों ने इस हत्या की कड़ी निंदा की है. सीपीआई के सचिव डी राजा ने कहा कि जांच में कोई भी कोताही नहीं की जानी चाहिए.

उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "इस मामले में सुरक्षाबलों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. जांच में कोई भी कोताही नहीं बरतनी चाहिए."

सिस्टर वाल्सा जॉन खनन के काम से विस्थापित हुए आदिवासियों के हक़ के लिए इस इलाक़े में सक्रिय थीं.

सिस्टर वाल्सा के भाई ने बताया कि सिस्टर ने कुछ दिनों पहले बताया था कि उन्हें 'खनन माफ़िया' से धमकी मिली है.

'खनन माफ़िया से धमकी'

पुलिस पहले समझ रही थी कि यह काम माओवादी चरमपंथियों का है क्योंकि घटना स्थल पर माओवादी पर्चे मिले थे. लेकिन अब पुलिस का मानना है कि ऐसा शायद उन्हें भ्रमित करने के लिए किया गया था.

हालांकि पाकुड़ के पुलिस अध्यक्ष अमरनाथ खन्ना ने बताया कि "अभी किसी भी बात से इंकार नहीं किया जा सकता."

उन्होंने बताया, "लगभग 50 लोग घर में घुस आए और उन्होंने धारदार हथियारों से जॉन की हत्या कर दी."

बीबीसी संवाददाता सलमान रावी के मुताबिक केरल की रहने वाली सिस्टर जॉन झारखंड में आदिवासियों के लिए काम करने आई थी.

इस मामले में अभी तक कोई भी ग़िरफ़्तारी नहीं की गई है.

राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

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