'99 प्रतिशत यक़ीन किशनजी मारे गए'

माओवादी

भारत सरकार ने प्रमुख माओवादी नेता कोटेश्वर राव या किशनजी के एक मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया है.

केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए शत-प्रतिशत पुष्टि करने से परहेज़ किया. उन्होंने कहा, "संभावना इसी बात की है कि मारा गया माओवादी नेता किशनजी है."

सिंह ने बताया कि पश्चिम बंगाल और केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान किशनजी का पीछा कर रहे थे.

इस बीच पश्चिम बंगाल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार ये मुठभेड़ पश्चिमी मिदनापुर ज़िले के बुरीशोल के जंगलों में कुशबोनी गाँव में शाम चार से पाँच के बीच हुई.

इस बारे में आरके सिंह ने कहा, "मौक़े पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि वह किशनजी ही हैं, 99 प्रतिशत. मगर हमने कहा है कि ये घोषणा करने से पहले हमें पूरी तरह सुनिश्चित होना चाहिए."

उन्होंने बताया है कि स्थानीय अधिकारियों को किशनजी की ताज़ा तस्वीरें भेजी गई हैं.

केंद्रीय गृह सचिव ने इसे माओवादियों के लिए बड़ा झटका बताया है.

पुष्टि

पश्चिम बंगाल में बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टासाली ने बताया है कि पश्चिमी मिदनापुर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण त्रिपाठी भी घटनास्थल पर पहुँचे हैं और शव के पास से एक एके-47 राइफ़ल मिली है. इससे भी ये माना जा रहा है कि शव किशनजी का ही हो सकता है क्योंकि उनके ही पास एके-47 राइफ़ल हुआ करता था.

पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक ने भी किशनजी के मारे जाने की शत-प्रतिशत पुष्टि नहीं की है क्योंकि वह भी किसी तरह के ऐलान से पहले ये सुनिश्चित कर लेना चाहते हैं.

अमिताभ के अनुसार इस बीच कई ऐसे स्थानीय पत्रकार घटनास्थल पहुँच रहे हैं जो किशनजी को नज़दीक़ी से जानते थे और वह भी इस घटना की पुष्टि कर सकते हैं.

वहीं झारखंड और छत्तीसगढ़ के घटनाक्रम पर नज़र रखने वाले बीबीसी संवाददाता सलमान रावी का कहना है कि ये माओवादियों के लिए एक झटका होगा क्योंकि आँध्र प्रदेश के वारंगल में जन्मे किशन जी माओवादियों की छापामार सेना के कमांडर इन चीफ़ थे.

मगर साथ ही सलमान ने ये भी बताया है कि माओवादियों में भी किसी आम सेना की तरह अलग-अलग पदों पर लोग बैठे हैं और उनके लिए ये पद भरना कोई मुश्किल नहीं होगा.

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