षडयंत्रकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का इंतज़ार: कृष्णा

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Image caption इन हमलों के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में बहुत तनाव पैदा हो गया था

मुंबई हमलों की तीसरी बरसी पर विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा है कि भारत अभी भी पाकिस्तान सरकार की तरफ़ से मुंबई हमलों का षडयंत्र रचने वालों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई किए जाने का इंतजार कर रहा है.

उन्होंने कहा, "हम पाकिस्तान से माँग करते है वे मुंबई हमलों के षड़यंत्रकारियों के ख़िलाफ़ जल्द क़ानूनी कार्रवाई करे."

एमएम कृष्णा ने कहा कि आंतक को राज्य की नीति के तौर पर इस्तेमाल करना सही नहीं है और वो आत्मघाती भी है. दुनिया में इसकी कोई जगह नहीं है.

वर्ष 2008 में मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों में हमलावरों ने कई जगहों को निशाना बनाया था जिसमें 180 लोग मारे गए थे और 250 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे.

मुंबई हमला: कब क्या हुआ?

इन हमलों के बाद एकमात्र हमलावर के रुप में पकड़े गए अजमल आमिर क़साब को अदालत ने बहुत से लोगों को मारने का दोषी क़रार दिया है और मौत की सज़ा सुनाई है.

भारत आरोप लगाता है कि इन हमलों का षडयंत्र पाकिस्तान में रचा गया और वहीं से हमलावर मुंबई पहुँचे थे. इन हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के आपसी रिश्ते बहुत तनावपूर्ण हो गए थे और शांतिवार्ता बंद हो गई थी.

काफ़ी सबूत दिए गए

चरमपंथी हमलों की निंदा करते हुए कृष्णा ने कहा कि आपसी मुद्दों का समाधान हिंसा और आतंक मुक्त वातावरण में शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए.

इस सवाल पर कि मुंबई हमलों के संबंध में भारत की ओर से दिए गए सबूतों को पाकिस्तान अर्याप्त मानता है, तो उनका जवाब था , "भारत क़ानून के आधार पर चलने वाला देश है और वह अपने देश में अपराधियों को हर दिन सज़ा सुनाता है. दुनिया में उसकी अदालतों की एक प्रतिष्ठा है."

उनका कहना था, ''गृह मंत्रालय ने जो सबूत उन्हें सौंप चुका है वे किसी भी अदालत के लिए इस हमले में शामिल षड़यंत्रकारियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने के लिए काफ़ी है.''

अमरीकी में गिरफ़्तार डेविड हेडली की ओर से मिले सबूतों और अमरीका के रूख़ के सवाल पर उन्होंने कहा कि अमरीका ने भारतीय एजेंसियों को पूछताछ करने का पर्याप्त मौक़ा दिया है और चूंकि अमरीका से भारत के रिश्ते दोस्ताना हैं इसलिए वह उम्मीद करता है कि अगर फिर ज़रुरत पड़ी तो भारत को फिर पूछताछ का मौक़ा मिलेगा.

मुंबई हमला: तस्वीरों में

पाकिस्तान के न्यायिक आयोग के भारत आने के सवाल पर उनका कहना था कि इस पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है लेकिन आयोग के भारत आने की रुपरेखा तैयार की जा रही है लेकिन तारीख़ों के लिए इंतजार करना होगा.

पाकिस्तान का न्यायिक आयोग मुंबई हमलों की जाँच कर रहा है और ये आयोग जल्द ही अपनी रिपोर्ट लेकर भारत आने वाला है.

उनका कहना था भारत क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि के लिए सभी पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण और दोस्ताना संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने सभी पड़ोसी देशों से बेहतर भविषय के लिए सहयोग देने की बात कही.

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