'तमिलनाडु में विदेशी कंपनियों के स्टोर नही'

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Image caption जयललिता ने कहा है कि उनकी सरकार तमिलनाडु में वैश्विक कंपनियों को स्टोर नहीं खोलने देगी.

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने मल्टी ब्रांड रीटेल क्षेत्र में 51 फ़ीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का विरोध करते हुए कहा है कि उनकी सरकार तमिलनाडु में वैश्विक कंपनियों को अपना स्टोर स्थापित नहीं करने देगी.

जयललिता ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की और कहा कि ये बड़ी खुदरा कंपनियों के दबाव में लिया गया अविवेकपूर्ण फैसला है.

बुरा असर

उन्होंने इस फैसले को परम्परागत विक्रेताओं के लिए नुकसानदेह बताया और कहा कि इससे देश के घरेलू उद्योग पर बुरा असर पड़ेगा और खुदरा क्षेत्र पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कब्जा हो जायेगा.

जयललिता ने कहा, 'जब संसद सत्र चल रहा हो, उस समय भारत सरकार का राज्य सरकारों से बिना विचार विमर्श किए हुए लिया गया यह फैसला यूपीए सरकार के अहंकार को दर्शाता है.'

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री ने कहा कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई एक संवेदनशील मुद्दा है और लोगों की भावनाओं को दरकिनार करते हुए अचानक ऐसा फैसला करके केंद्र सरकार ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया है.

इससे पहले, भारत सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में एक बड़ा फ़ैसला करते हुए खुदरा व्यापार क्षेत्र में एक से ज़्यादा ब्रांड के लिए विदेशी पूँजी निवेश (एफ़डीआई) को हरी झंडी दिखा दी थी.

इस फ़ैसले के बाद दुनिया के कई बड़े खुदरा ब्रांड जैसे वालमार्ट, टेस्को इत्यादी को भारत में अपनी दुकानें खोलने का मौक़ा मिल सकता है.

जानकारों के मुताबिक भारतीय अर्थव्यव्स्था में पहले की तुलना में आ रही सुस्ती और महँगाई को देखते हुए इस विषय पर बहस तेज़ हो गई है.

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