माओवादियों ने पटरी उखाड़ी, मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त

Image caption माओवादियों ने किशनजी की हत्या का विरोध किया है

माओवादी छापामारों ने पोलित ब्यूरो के सदस्य कोटेश्वर राव उर्फ़ किशनजी की पश्चिम बंगाल में कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के खिलाफ दो दिन के बंद के दौरान छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में रेल की पटरियों को उखाड़ दिया है.

पुलिस का कहना है कि दंतेवाड़ा के पास विशाखापट्नम - किरन्दूल मार्ग पर कोंडेली के पास रविवार की सुबह पटरियां उखड़ी हुई मिलीं जिस वजह से इस रूट पर चल रही एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी है. इसके अलावा दंतेवाड़ा में कई जगहों पर माओवादियों नें सड़क मार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया है जिसकी वजह से वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ है.

माओवादी नेता अभय का बयान इस दौरान माओवादियों नें पोस्टर चिपकाए और पर्चे भी फेंके जिसमे आरोप लगाया गया है कि किशनजी की मौत फर्जी मुठभेड़ में हुई है. पर्चों में माओवादियों नें किशनजी की मौत में शामिल पुलिसकर्मियों को जन-अदालत लगाकर सज़ा देने की बात कही है. इसके अलावा माओवादियों नें घोषणा की है कि वह 2 दिसंबर से 11 दिसंबर तक अपनी पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) यानी 'जनमुक्ति छापामार सेना' की स्थापना का सप्ताह मनाएंगे. स्थापना सप्ताह को लेकर सुरक्षा बलों को विशेष सतर्कता के निर्देश जारी किये गए हैं.

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (माओवादी) के प्रवक्ता अभय ने चार और पांच दिसंबर को भारत बंद की घोषणा की है.

छत्तीसगढ़ के अलावा माओवादियों ने महाराष्ट्र के मालेवाड़ा में राजनांद गांव के पंचायत भवन में आग लगा दी है.

जांच की मांग

गुरुवार को केंद्र सरकार ने कहा था कि कोटेश्वर राव यानी किशनजी पश्चिम बंगाल में बॉरीशाल के जंगल में एक पुलिस मुठभेड़ में मारे गए.

माओवादियों ने किशनजी के मारे जाने की घटना को फ़र्ज़ी मुठभेड़ बताया है और इसके विरोध में माओवादियों ने 26 और 27 नवंबर को पश्चिम बंगाल में बंद बुलाया है.

माओवादियों की तरफ़ से जवाबी कार्रवाई के ख़तरे को देखते हुए पंश्चिम बंगाल में रेड अलर्ट की घोषणा कर दी गई थी.

कई मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मुठभेड़ के मामले में जांच किए जाने की मांग की है.

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