छह संदिग्ध चरमपंथी गिरफ़्तार

दिल्ली हाईकोर्ट में धमाका (फ़ाईल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption सितंबर 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर भी बम धमाका हुआ था जिसमें 15 लोग मारे गए थे.

भारत में दिल्ली पुलिस ने देश भर के कई इलाक़ों से छह संदिग्ध चरमपंथियों को गिरफ़्तार करने का दावा किया है. पुलिस के अनुसार गिरफ़्तार किए गए छह लोगों में से एक पाकिस्तानी नागरिक है.

पुलिस का कहना है कि पकड़े गए लोग चरमपंथी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य हैं और पिछले साल यानी 2010 में दिल्ली, पुणे और बंगलौर में हुए बम धमाकों के पीछे इन्हीं लोगों का हाथ था.

भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इसकी पुष्टि कर दी है.

बुधवार को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में इसके बारे में और जानकारी देते हुए चिदंबरम ने कहा, ''दिल्ली पुलिस ने पिछले कुछ दिनों में छापेमारी कर कुल छह लोगों को गिरफ़्तार किया है. उनमें से एक पाकिस्तानी नागरिक है. ये लोग पुणे, दिल्ली और बंगलौर में हुए धमाकों में शामिल थे.''

ग़ौरतलब है कि 13 फ़रवरी 2010 को पुणे की जर्मन बेकरी में एक धमाका हुआ था जिसमें 17 लोग मारे गए थे और 50 से ज़्यादा घायल हो गए थे.

इसके अलावा 17 अप्रैल 2010 को दिल्ली के जामा मस्जिद के पास फ़ायरिंग हुई थी और बम धमाका हुआ था. 19 सितंबर 2010 को बंगलौर के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर एक धमाका हुआ था.

गिरफ़्तारी

दिल्ली पुलिस के ज़रिए जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पकड़े गए छह लोगों मे से एक मोहम्मद आदिल उर्फ़ मोहम्मद अजमल पाकिस्तानी नागरिक है और उन्हें बिहार के मधुबनी ज़िले से गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस के अनुसार पकड़े गए भारतीय नागरिक मोहम्मद क़तील सिद्दीक़ी, गौहर अज़ीज़ ख़ोमानी, ग़युर अहमद जमाली, अब्दुर्रहमान और इरशाद ख़ान हैं.

पुलिस ने बताया कि इन पाँचों का संबंध बिहार से है.

पुलिस के मुताबिक़ मोहम्मद क़तील सिद्दीक़ी और ग़ौहर अज़ी़ज़ ख़ोमानी को दिल्ली से, अब्दुर्रहमान और इरशाद ख़ान को चेन्नई से और ग़युर अहमद जमाली को बिहार के मधुबनी ज़िले से गिरफ़्तार किया गया है.

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