भारत में आएगा सबसे अधिक विदेशी पैसा:विश्व बैंक

वर्ल्ड बैंक
Image caption विश्व बैंक के मुताबिक विदेश से आमद 2014 में 515 अरब डॉलर तक पहुँच जाएगी.

विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक़ साल 2011 में भारत में विदेशों से आने वाले पैसों की आमद यानी रेमिटेंस 58 अरब डॉलर रहेगी.

इस रिपोर्ट में ये उम्मीद जताई गई है कि पूरी दुनिया में 406 अरब डॉलर की राशि विदेशों से आएंगी जिसमें से विकासशील देशों में क़रीब 351 अरब डॉलर की राशि विदेश में काम करने वाले लोग अपने घर भेजेंगे.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशों से आने वाली आमद में भारत पहले स्थान पर है तो दूसरे स्थान पर चीन है जहाँ साल 2011 में 57 अरब डॉलर की रेमीटेंस होगी.

रिपोर्ट के मुताबिक़ 24 अरब डॉलर की राशि पाकर मैक्सिको तीसरे स्थान पर रहेगा और 23 अरब डॉलर की राशि प्राप्त करने वाला फ़िलीपींस चौथे स्थान पर रहेगा. .

आर्थिक संकट के बावजूद बढ़ोत्तरी

विश्व बैंक की इस रिपोर्ट के मुताबिक़ पाकिस्तान और बांग्लादेश के विदेशों में काम करने वाले कामगार बराबर मात्रा में स्वदेश धन भेजेंगे जिससे दोनों देशों में रेमिटेंस 12-12 अरब डॉलर रहेगी.

विश्व बैंक में डेवेलपमेंट प्रॉस्पेक्ट्स ग्रुप के निदेशक हंस टिम्मर का कहना है, ''वैश्विक आर्थिक संकट की वजह से निजी पूँजी प्रवाह प्रभावित हुआ है लेकिन विकासशील देशों में विदेशों से आने वाले पैसे में कमी नहीं आई है और इसमें साल 2011 में अनुमानित आठ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है.''

उनका कहना था कि विकासशील देशों में विदेशों से आने वाले पैसों में बढ़ोतरी हुई है जो कि वित्तीय संकंट के बाद पहली बार हुआ है.

विश्व बैंक का कहना था कि हालांकि आर्थिक मंदी के कारण प्रवासी कामगारों के लिए रोज़गार की संभावनाएं उच्च आय वाले देशों में कम हो रही है लेकिन विदेश से आ रहे पैसे बढ़ोत्तरी के रास्ते पर है और ऐसा अनुमान है कि 2014 में ये 515 अरब डॉलर तक पहुँच जाएगा.

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