'ऊंची जाति’ का नाम रखने पर दलित की हत्या

नीरज
Image caption नीरज अपने दोस्त के घर टीवी देखने गया हुआ था (फ़ाईल फ़ोटो)

पुलिस के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में अग्रणी जाति के बच्चों जैसा नाम रखने पर एक दलित बच्चे की हत्या कर दी गई.

पुलिस के अनुसार मारे गए 14 साल के बच्चे नीरज कुमार के पिता राम सुमैर को अपने दोनों बच्चों का नाम बदल लेने को कहा गया था क्योंकि इन दोनों बच्चों का नाम और गांव के ही अग्रणी जाति के जवाहर चौधरी के बेटों का नाम एक जैसा ही था.

नीरज का शव 23 नवंबर को एक खेत में पड़ा मिला था.

जवाहर चौधरी के परिवार से संबंधित दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.

चौधरी का कहना है कि उसका या उसके परिवार का इस हत्या से कोई लेना-देना नही है.

उनका आरोप है कि पुलिस उनके परिवार को फ़साने की कोशिश कर रही है.

नाम पर आपत्ति

जाति के आधार पर भेदभाव करना कानूनी रूप से दंडनीय है लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में इसको लेकर तरह-तरह के विचार आज भी मौजूद है.

पुलिस उप-निरीक्षक प्रवीन कुमार के अनुसार, बस्ती के राधौपुर गाँव के निवासी राम सुमैर और जवाहर चौधरी दोनों के बेटों का नाम नीरज और धीरज है, इस बात को लेकर काफ़ी समय से दोनो परिवारों में अनबन थी.

पुलिस का कहना है कि अग्रणी जाति से ताल्लुक़ रखने वाले जवाहर चौधरी ने राम सुमैर को कई बार धमकी दी थी कि वो अपने बेटों का नाम बदल ले.

घर से 22 नवंबर को रात का खाना खाकर नीरज अपने दोस्त के घर टीवी देखने गया था फिर अगले दिन उसका शव मिला.

पुलिस का कहना है कि नीरज को गला घोंटकर मारा गया था.

नीरज की हत्या के बाद से जवाहर चौधरी के दोनों बेटें गायब है पर पुलिस ने चौधरी परिवार के दो लोगों को गिरफ़्तार किया है.

पुलिस का मानना है कि नीरज की हत्या में गिरफ़्तार किए गए लोगों का हाथ हो सकता है.

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