तेलुगूदेसम का अविश्वास प्रस्ताव गिरा

किरण कुमार रेड्डी
Image caption किरण कुमार रेड्डी सरकार के समर्थन में 161 मत पड़े

आंध्र प्रदेश में किरण कुमार रेड्डी की कांग्रेस सरकार के विरुद्ध तेलुगूदेसम पार्टी का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है.

आंध्र प्रदेश की 294 सदस्यीय विधान सभा में सात सीटें ख़ाली हैं. 16 घंटे चली बहस के बाद अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 123 और विपक्ष में 161 मत पड़े.

मगर इस संबंध में उल्लेखनीय ये है कि कांग्रेस के 16 विधायकों ने बाग़ी तेवर दिखाते हुए पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है.

इस तरह कांग्रेस को मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन और प्रजा राज्यम पार्टी के विधायकों की मदद से ये बहुमत मिला.

मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सात और प्रजा राज्यम पार्टी के 17 विधायकों ने सरकार के पक्ष में मतदान किया.

तेलुगूदेसम की ओर से लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में ख़ुद टीडीपी के अलावा तेलंगाना राष्ट्र समिति, भारतीय जनता पार्टी और वामपंथी दलों के विधायकों ने मतदान किया.

बाग़ी विधायक

कांग्रेस के जिन 16 बाग़ी विधायकों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया वे जगन मोहन रेड्डी कैंप के विधायक हैं. इस तरह खुलकर कांग्रेस के विरुद्ध मतदान करने और व्हिप का उल्लंघन करने का मतलब है कि अब उनकी विधान सभा सदस्यता ख़त्म हो सकती है.

मगर माना जा रहा है कि ये विधायक ऐसी किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं. इसके पीछे एक बड़ी वजह ये भी बताई जा रही है कि ख़ुद जगन मोहन ने इन सभी विधायकों को विश्वास दिलाया है कि ज़रूरत होने पर वह उन्हें उपचुनाव में जिताकर वापस विधान सभा में भेजेंगे.

इससे पहले अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए तेलुगूदेसम पार्टी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि सरकार हर मोर्चे पर बुरी तरह विफल हुई है.

उन्होंने कहा कि सरकार के निकम्मेपन करे कारण बड़े पैमाने पर किसान आत्महत्या कर रहे हैं और सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं.

इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने नायडू को याद दिलाया कि इस समय केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी कि सीबीआई उनकी संपत्ति की जाँच कर रही है और उन्हें भ्रष्टाचार की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.

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