एफडीआई पर सर्वदलीय बैठक

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Image caption एफडीआई के विरोध में व्यापारियों ने धरना प्रदर्शन भी किया है.

खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मुद्दे पर लगातार कई दिनों से संसद की कार्यवाही ठीक से नहीं चलने के कारण बुधवार को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक होगी.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच सोमवार को हुई एक बैठक के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने का फ़ैसला किया गया है.

हालांकि विपक्षी पार्टियां एफडीआई यानी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मुद्दे पर कड़ा रवैया अपनाए हुए हैं और उनका कहना है कि अगर सरकार इस फै़सले से पीछे नहीं हटती है तो बैठक का कोई औचित्य नहीं है.

व्यापारियों के बीच पारंपरिक रुप से लोकप्रिय रही बीजेपी एफडीआई का विरोध कर रही है जबकि वाम दल भी इसके पक्ष में नहीं हैं.

वरिष्ठ बीजेपी नेता अरुण जेटली का कहना है कि संसद को ये समझना होगा कि सरकार की किसी भी नीति को लोकसभा और राज्यसभा की मंज़ूरी चाहिए होती है.

वैसे बीजेपी के कुछ सहयोगी दल एफडीआई पर अलग रुख रखते हैं. मसलन अकाली दल ने एफडीआई का समर्थन किया है लेकिन इसी तर्ज़ पर यूपीए के घटक दल मसलन तृणमूल और द्रमुक ने एफडीआई का विरोध किया है.

कुछ कांग्रेस सांसदों ने भी एफडीआई का कड़ा विरोध किया है. ऐसे में फिलहाल सरकार ने एफडीआई के फ़ैसले पर रोक लगा रखी है लेकिन सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे पर कोई साझा रणनीति बनाने की कोशिश ज़रुर की जा सकती है.

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