अग्निकांड की जांच होगी, अब तक 89 की मौत

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Image caption मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे की जाँच के लिए समिति बनाए जाने की घोषणा की है.

कोलकाता के एक निजी अस्पताल में लगी आग में मरनेवालों की संख्या 89 हो गई है. इस बीच पुलिस ने अस्पताल से जुड़े छह अधिकारियों को गिरफ़्तार कर लिया है. इनमें से दो अस्पताल के मालिक हैं.

अधिकारियों ने अस्पताल का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया है.

ढाकुरिया के एएमआरआई अस्पताल में ये आग शुक्रवार तड़के लगी.

तस्वीरों में - अस्पताल में लगी आग

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि ये अग्निकांड अक्षमनीय अपराध है. उन्होने एक समिति बनाकर जाँच कराए जाने की बात कही है.

मुख्यमंत्री के अनुसार इस जाँच समिति में पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी शामिल होंगे.

ममता बनर्जी ने कहा, ''अस्पताल प्रशासन को सितंबर में दमकल विभाग के अधिकारियों ने चेताया था कि उनकी ईमारत में अग्निशमन के पर्याप्त उपाय नही है और ना ही ये नियामकों के अनुसार है. इस पर अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि इसे जल्दी से जल्दी सुधारा जाएगा. लेकिन ऐसा नही किया गया.''

अग्निशमन के अपाय नही

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Image caption हादसे के शिकार लोगों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में अग्निशमन के मूलभूत उपाय नहीं किए गए थे.

इस हादसे में मरनेवालों के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया कि अस्पताल में मूलभूत अग्निशमन के उपाय नही किए गए थे.

मरनेवालों में ज़्यादातर मरीज़ थे जो अस्पताल में ऊपर की मंजिलों में फंस गए थे जिनका आग की लपटों और धुएं में दम घुट गया.

पश्चिम बंगाल में अग्निशमन मंत्री जावेद अहमद खान ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि कोलकाता के अस्पताल एएमआरआई ने आग लगने के बावजूद फ़ायर ब्रिगेड को ख़बर नहीं दी थी.

खान ने कहा कि आग की शुरुआत अस्पताल के तहखाने से हुई. यह तहखाना ''पूरी तरह अवैध है.''

उन्होंने कहा, ''आग तहखाने में लगी थी. उसका धुँआ एअरकंडीशनर की चिमनी की वजह से अस्पताल के पहले, दूसरे और तीसरे तल तक पहुँच गया. मरीज़ वैसे ही दुर्बल थे. ऐसी हालात में जब धुँआ उनके तल पर पहुँचा, तो वो घुटने से मारे गए.''

आगजनी की ये दूसरी घटना

आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं लगाया जा सका है.

परिजनों में ग़ुस्सा

मौके पर मौजूद एक डॉक्टर ने मीडिया से बात करते हुए बताया, ''अस्पताल के गलियारों में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरु हुआ जिसके बाद अफ़रा-तफ़री मच गई. कई लोगों की मौत दम घुटने के कारण हुई है, कई लोगों की मौत जलकर भी हुई है.''

अस्पताल में दाखि़ल होने के लिए अग्निशमन कर्मचारियों को खिड़की का शीशा तोड़ना पड़ा, तब जाकर वे मरीज़ों को बाहर निकाल सके.

अस्पताल से निकाले गए कुछ मरीज़ों को पास के अस्पतालों में इलाज के लिए दाखिल कराया गया है.

इस निजी अस्पताल में आग लगने की ये दूसरी घटना है इससे पहले साल 2008 में भी इस अस्पताल में आगजनी की एक घटना हुई थी.

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