चिदंबरम-राजा की कोई बैठक नही हुई:सिब्बल

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Image caption कपिल सिब्बल ने कहा कि 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम और ए राजा की कोई बैठक नही हुई

2 जी घोटाले में सरकार ने गृह मंत्री पी चिदंबरम का बचाव करते हुए उन पर लगे सारे आरोपों को ख़ारिज कर दिया है

दूर संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वित्त मंत्री के पद पर रहते हुए चिदंबरम ने बिना किसी पक्षपात और डर के अपने उत्तरदायित्व का पालन किया.

कपिल सिब्बल ने कहा कि 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम और ए राजा की कोई बैठक नही हुई.

उन्होंने कहा कि उस वक्त के दूरसंचार मंत्री ए राजा ने मोबाइल सेवा कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन के संदर्भ में आशय पत्र जारी किए जाने से पहले चिदंबरम के साथ कोई बैठक नहीं की थी. आशय पत्र 10 जनवरी, 2008 को जारी किया गया था.

सिब्बल ने कहा कि रिकॉर्ड बताते हैं कि वित्त मंत्रालय के पास आशय पत्र जारी किए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

उन्होंने कहा कि तत्कालीन वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम दूरसंचार मंत्रालय की ओर से जारी आशय पत्र के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं.

कपिल सिब्बल ने कहा कि विपक्ष इस मामले में चिदंबरम को बदनाम कर उनकी छवि ख़राब करने की कोशिश कर रही है. विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर संसद की कार्रवाई नही चलने दे रहा है जो कि ग़लत है.

चिदंबरम पाक-साफ़

महत्वपूर्ण है कि एनडीए लगातार कहता रहा है कि जब तक प्रधानमंत्री चिदंबरम से इस्तीफा नहीं लेते, तब तक संसद में उनका बहिष्कार किया जाएगा.

भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि अगर चिदंबरम ने स्पेक्ट्रम नीलामी पर अपनी मंज़ूरी नहीं बदली होती तो घोटाला नहीं होता.

सिब्बल ने कहा कि चिदंबरम का 2 जी घोटाले से कोई संबध है या नहीं ये अब अदालत को तय करना है.

सिब्बल ने कहा कि 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में नीतियों को लागू किए जाने संबंधी कई समस्याएं थीं. उन्होंने कहा कि 2 जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस असल में 2003 की पूर्ववर्ती एनडीए सरकार की नीतियों के आधार पर जारी किए गए थे.

अदालत का फ़ैसला

इससे पहले, सर्वोच्च न्यायालय ने 2 जी आवंटन मामले में केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की भूमिका की जाँच की माँग कर रहे याचिकाकर्ता सुब्रह्मण्यम स्वामी से 17 दिसंबर को अदालत के समक्ष अन्य अधिकारियों को गवाह बनाने से पहले अपना पक्ष रखने को कहा है.

स्वामी का आरोप है कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम स्पेक्ट्रम की क़ीमत तय करने के मामले में ए राजा की साज़िश में भागीदार थे.

वित्त मंत्री पी चिदंबरम की भूमिका पर सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका मंज़ूर होने के बाद क़ानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद ने कहा था कि विपक्ष की ये मांग सही नहीं है कि चिदंबरम इस्तीफ़ा दें.

अदालत के आदेश के बाद विपक्ष ने पी चिदंबरम के इस्तीफ़े की मांग तेज़ कर दी है.

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