ज़हरीली शराब से 102 की मौत हुई

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Image caption डॉक्टरों का कहना है कि कई घायल जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रहे हैं

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना ज़िले में ज़हरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या सौ के पार हो गई है.

ज़िलाधीश नारायण स्वरूप निगम ने बताया कि अब तक 102 लोग मारे जा चुके हैं.

इस बीच राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की है.

रात भर अस्पतालों में प्रभावितों का आना जारी रहा और मरने वालों की तादाद बढ़ती रही.

जिन सौ से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था उनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है.

ज़िले के मेगराहाट, उस्टी और मंदिरबाज़ार के कई लोग मंगलवार रात शराब पीने के बाद बीमार हो गए थे.

ज़हरीली शराब का शिकार होने वाले लोगों में ज़्यादातर रिक्शा चालक और मज़दूर हैं.

गंभीर स्थिति

ज़हरीली शराब पीने वाले लोगों को डायमंड हारबर सब डिविज़न हॉस्पिटल, संग्रामपुर और कोलकाता में भर्ती करवाया गया है.

इनमें से ज़्यादातर को पेट में दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत है.

पश्चिम बंगाल सरकार में सुंदरबन मामलों के प्रभारी मंत्री श्यामल मंडल के अनुसार डॉक्टरों की एक टीम को प्रभावित इलाक़े में भेजा गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मोगराहाट इलाक़े में शराब बनाने वाली एक इकाई में तोड़फोड़ की है.

पुलिस का कहना है कि यहीं से शराब बनाकर संग्रामपुर में बेचा जाता था. भारत में ज़हरीली शराब पीकर मौतें होना कोई नई बात नहीं है.

पिछले हफ़्ते गुजरात में एक क़ानून पारित किया गया है जिसके तहत अवैध शराब बनाने और उसे बेचने पर मौत की सज़ा का दी जा सकती है.

गुजरात भारत का एकलौता राज्य है जहां शराब पर प्रतिबंध है.

देश के कई हिस्सों में ऐसी शराब दस रुपए में मिल जाती है. इसे पीने वाले अधिकतर ग़रीब दिहाड़ीदार मज़दूर होते हैं.

ऐसी शराब में नशा बढ़ाने के लिए उसे बेचने वाले उसमें मिथाइल एल्कोहोल मिला देते हैं. इसकी वजह से शराब पीने वालों को उल्टियां आती हैं और कई बार उनकी मौत भी हो जाती है.

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