जब राजा और मुख्य गवाह आए आमने सामने...

 गुरुवार, 15 दिसंबर, 2011 को 15:51 IST तक के समाचार
ए राजा

देश का सबसे बड़ा घोटाला माने जाने वाले 2जी मामले में ए राजा मुख्य आरोपी है

एक तूफ़ानी दिन की आशंका के बीच सब कुछ इतना सामान्य रहा कि इस पर विश्वास कर पाना मुश्किल था.

ख़ासकर तब जब आप 17 हाई प्रोफ़ाईल लोगों को जेल भेजे जाने के सूत्रधार हो और आपको उनके सामने आकर आंखों में आंखे डालकर उनके खिलाफ़ बोलना हो.

दरअसल यह मामला चर्चित 2जी घोटाले का है जिसमे कई वीआईपी लिप्त पाए गए है.

घोटाले के इस मामले में आरोप तय किए जाने के बाद दिल्ली के पटियाला हाऊस कोर्ट में एक विशेष सीबीआई अदालत में आजकल गवाहों की जिरह चल रही है.

2जी मामले में मुख्य अभियुक्त बनाए गए पूर्व संचार मंत्री राजा के एक समय सहायक रहे आशीर्वादम आचार्य की 13 दिसंबर को इसी अदालत में पेशी थी.

काफ़ी उत्साह के साथ मै भी उस दिन सुबह साढ़े नौ बजे ही अदालत में पहुँचा, कोर्ट खुलने से आधा घंटा पहले.

दुआ-सलाम

वहाँ पहुँचते ही मैने देखा कि आशीर्वादम एक पत्रकार के साथ बेंच पर बैठकर कुछ बात कर रहे थे और उनके पीछे उनका निजी सुरक्षाकर्मी खड़ा था.

माहौल को समझने की कोशिश करते हुए कुछ ही मिनट बीते होंगे कि इतने में कलैग्नार टीवी के निदेशक और 2जी मामले में सह अभियुक्त शरथ कुमार यहाँ पहुँचे.

आशीर्वादम को देखते ही शरथ कुमार इनके पास आए और हाथ मिलाकर बात करने लगे. इसी बीच, राजा के एक और पूर्व निजी सचिव और मामले में अभियुक्त आरके चंदोलिया भी पहुँच गए और आशीर्वादम से हंसकर उनके परिवार का हाल चाल पूछने लगे.

देश का सबसे बड़ा घोटाला माने जाने वाला 2जी घोटाला में अभियुक्तों और सरकारी पक्ष के गवाह को इतनी मित्रता से बात करते देखना मेरे लिए चौंकाने वाला था.

थोड़ी देर में मामले की एक और अभियुक्त डीएमके प्रमुख करूणानिधि की बेटी कनिमोड़ी भी पहुँची. वो आशीर्वादम से कुछ दूर रुक कर खड़ी हो गई.

कनिमोड़ी को देखकर आशीर्वादम उठकर उनके पास तक गए और ‘वणक्कम’ कहकर अभिवादन किया, कनिमोड़ी ने भी उनका जवाब दिया लेकिन वो आगे बातचीत के लिए उत्सुक नही दिखी.

इन सब के बीच कई पूर्व नौकरशाह भी अदालत पहुँचे जिनमे से कुछ ने आशीर्वादम का हाल चाल पूछा.

लेकिन मेरी उत्सुकता तब और बढ़ी जब पूर्व संचार मंत्री राजा कुछ सुरक्षकर्मियों के साथ वहाँ पहुँचे.

जब मिले राजा और मुख्य गवाह

आशिर्वादम

अदालत में राजा और कनिमोड़ी के भारी समर्थक जुट रहे है लेकिन इससे आशिर्वादम के हौसले में कोई कमी नही आई है.

आशीर्वादम राजा को देखकर खड़े हो गए. लेकिन राजा बिना उनकी तरफ़ ध्यान दिए आगे बढ़ गए, राजा ने ये जानबूझकर किया या अनजाने में ये बता पाना मुशकिल है.

कई अन्य बातों के बीच मेरे मन में ये आशंका उठी कि राजा के इतने समर्थकों के बीच कहीं कोई आशीर्वादम पर हमला न कर दे.

कुछ देर बाद राजा और आशीर्वादम ने एक दूसरे को देखा. दोनों क़रीब तीन साल बाद मिल रहे थे.

आशीर्वादम ने राजा का भी ‘वणक्कम’ कहकर अभिवादन किया जिस पर राजा ने तमिल में उनसे पूछा, “अशीर नाल्ला इरूक्किया” इसका मतलब ये हुआ ‘क्या अशीर, कैसे हो ?’.

आशीर्वादम ने विनम्रता से उनका जवाब दिया ‘फ़ाईन सर’.

इतने में अदालत का दरवाज़ा खुल गया और सभी अंदर चले गए.

विशेष जज ओपी सैनी के सामने सभी अभियुक्तों की पेशी के बाद आशीर्वादम को अदालत के सामने लाया गया.

जज ने आशीर्वादम से अगले दिन फिर पेश होने को कहा और वो रजिस्टर में हाज़िरी दर्ज़ कराकर जाने लगे. रास्ते में राजा की कुर्सी के पास आशीर्वादम थोड़ा ठहरे, राजा कनिमोड़ी से बात करने में मसरूफ़ थे.

अगले ही पल जैसे ही राजा ने आशीर्वादम की तरफ़ देखा, आशीर्वादम ने सिर हिलाकर इशारा किया कि वो जा रहे है.

हौसले में कमी नही

वहाँ मौजूद लोग 2जी मामले की सुनामी के बाद भी राजा और आशीर्वादम के बीच इस व्यवहारिकता को देखकर चौंक गए थे.

केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने 2जी मामले में आशीर्वादम के बयान का कई जगह इस्तेमाल किया है.

एक जगह आशीर्वादम के हवाले से सीबीआई ने कहा है कि राजा ने कलैग्नार टीवी को रिश्वत दिलाने में मदद की थी. साथ ही ये भी कहा गया है कि कनिमोड़ी और राजा कलैग्नार टीवी के सिलसिले में अक्सर मिला करते थे.

मेरे जैसे कुछ पत्रकार जो राजा और आशीर्वादम दोनों को काफ़ी समय से जानते है यही सोच रहे थे कि हवाओं का रुख़ तब कैसा होगा जब आशीर्वादम अदालत में राजा की पोल खोलेंगे और दोनो तरफ़ से जिरह शुरू होगी.

अदालत में राजा और कनिमोड़ी के भारी समर्थक जुट रहे है लेकिन इससे आशीर्वादम के हौसले में कोई कमी नही आई है.

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